May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 फरवरी 2022। श्रीडूंगरगढ़ के ऐतिहासिक स्वरूप सरसगढ़ के स्थापना दिवस पर इस बार एक अनुठे निर्माण कार्य की शुरूआत होगी और स्थान होगा गांव ठुकरियासर के सरसजी धोरा प्रांगण का। विदित रहे कि भगवान सरसजी को ना केवल सारस्वत समाज के कुलदेवता के रूप में बल्कि श्रीडूंगरगढ़ के ऐतिहासिक स्वरूप सरसगढ़ के संस्थापक एवं क्षेत्र के लोकदेवता के रूप में भी पूजा जाता है। गांव ठुकरियासर में सर्वसमाज के पूजनीय सरसजी मंदिर प्रांगण में सरसगढ़ की स्थापना दिवस पर हर वर्ष धार्मिक कार्यक्रम होते है। इस बार कोरोना प्रोटोकाल के कारण यहां आयोजन ना रख कर बेजुबान पक्षियों के लिए आवासगृह बनाने की शुरूआत इस मौके पर की जाएगी। श्रीराष्ट्रीय सरस सेना के मीडिया प्रभारी सम्पत सारस्वत ने बताया कि 11 फरवरी को सरसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर मंदिर प्रांगण में 11000 पक्षीयो के रहने व पानी व चुग्गा की व्यवस्था वाले पक्षीगृह का निर्माण शुरू किया जाएगा। यह जिले में सबसे बड़ा पक्षीगृह होगा व इस हेतू सोशल मिडिया पर ही सहयोग राशी एकत्र की जा रही है। करीब 2 लाख रुपए की लागत से तैयार होने वाले इस पक्षीगृह में सहयोग देने के लिए क्षेत्र के युवा उत्साह से आगे आ रहे है। जीवप्रेमी एवं सरसजी के प्रति श्रृद्धानिष्ठ युवाओं द्वारा की जा रही इस पहल की हर और सराहना हो रही है। विदित रहे कि गत वर्ष सरसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर मंदिर प्रांगण में 27 कुण्डीय हवन आयोजित किया गया है।

श्रीडूंगरगढ टाइम्स। सरसधोरा ठुकरियासर में यह रहेगा प्रस्तावित पक्षीगृह का स्वरूप।