






श्रीडूंगरगढ टाइम्स 17 सितंबर 2022। लखासर में चल रहा धरना आज 55वें दिन ग्रामीणों ने उठा दिया है। धरने पर ये ग्रामीण नवनिर्मित उपतहसील सूडसर से निकाल कर पुन श्रीडूंगरगढ़ में शामिल किए जाने की मांग कर रहें थे। धरनास्थल पर आज प्रशासन प्रमुख डॉ दिव्या चौधरी पहुंची और ग्रामीणों को यहां से प्रस्ताव भेज दिए जाने की बात कही। प्रधान प्रतिनिधि केसराराम गोदारा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शीघ्र ही सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। बता देवें शुक्रवार शाम पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा भी मौके पर पहुंचे और जिलाकलेक्टर से धरनार्थियों की वार्ता भी करवाई।
धरना स्थगित हुआ है- संघर्ष समिति।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। धरने पर बैठे जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने टाइम्स को बताया कि धरना केवल स्थगित हुआ है। प्रशासन व पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा के आश्वासन पर एक माह के लिए स्थगित किया गया है। एक माह तक आदेश नहीं आए तो पुन संघर्ष प्रारंभ किया जाएगा। धरनार्थियों व ग्रामीणों ने पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा व प्रधान प्रतिनिधि केसराराम गोदारा का आभार जताया।
ये रहें संघर्ष में लगातार शामिल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लखासर गांव के 80 वर्षीय खिंयाराम, मांगीलाल व कुनणमल सारस्वत पहले दिन से धरने पर बैठे थे और श्रीडूंगरगढ़ में शामिल किए जाने की मांग कर रहें थे। यहां लखासर सरपंच प्रतिनिधि गोवर्धन खिलैरी, समंदसर सरपंच प्रतिनिधि ईमीलाल गोदारा, बिझांसर से सरपंच प्रतिनिधि सोहन नैण, बेनीसर सरपंच प्रतिनिधि बीरबल गोदारा, पूनरासर सरपंच प्रकाश नाथ, छात्र नेता मांगीलाल गोदारा, भाजपा के बजरंग सिंह, तोलाराम जाखड़, लगातार सक्रिय रहें व सरकार के अनेक मंत्रियों से मिलकर भी ये मांग उठाई। धरने पर लखासर के उपसरपंच मघाराम खिलैरी, लाधुराम खिलैरी, भीखाराम खिलैरी, धन्नेसिंह, महेंद्र सिंह, मघाराम खिलैरी, लक्ष्मण सिंह, हीरापुरी शामिल रहें। बेनीसर नारायण राम गोदारा, उत्तमनाथ, गणेशाराम पोटलिया, गजपुरा से डुंगरराम प्रजापत, लिछुराम प्रजापत, रामेश्वर लाल गेट, मघाराम, मुकेश खिलैरी, पाबूदानसिंह, परताराम खिलैरी, कैलाश पुरी, लक्ष्मण सिंह, जोराराम गेट, पुरखाराम गेट, गुलाबसिंह, जेठुसिंह, बिशनाराम खिलैरी, समंदसर खियांराम गोदारा, नानूराम खाती, मूलंचद शर्मा, मुलतानाराम, शिवरतन शर्मा, सीताराम, मघाराम, बिझांसर से नानूराम नैण, खिंयाराम भूकर, सांवतराम, तोलाराम, आसुराम, मोहनराम, ओमप्रकाश, मणकरासर से भींवसिंह, रेवतंराम, ईश्वरराम भूकर, धन्नाराम, धन्नराम मेघवाल, लोढेरा से रामनारायण, सुंडाराम, खिंयाराम गेट, भोजास से देवीसिंह, राजूसिंह, हनुमानसिंह, ईश्वरसिंह सहित अनेक ग्रामीण शामिल रहें।






