






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 26 जुलाई 2025। झालावाड़ की घटना के बाद प्रदेश भर में लोगों में राज व काज के प्रति घोर नाराजगी है। सात मासूम बच्चों की मौतों ने जन-मन को झकझोर दिया है। बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने की ये करतूत भवन गिरने से ही नहीं ये भवन के निर्माण से प्रारंभ हो जाती है। कई हजार करोड़ का बजट नेताओं व अफसरों में वितरण के बाद जो बचता है उससे सरकारी निर्माण में घटिया सामग्री प्रयोग से निर्माण करवाया जाता है। गत जून व जुलाई माह में प्रदेशभर में स्कूलों में कक्षों का निर्माण करवाया जा रहा है और इसमें गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। गत दिनों ताल मैदान के विद्यालय में प्रधानाचार्य ने आवाज ऊपर तक उठाई, परंतु सरकारी सिस्टम में सब सेट है और ये आवाज भी दबा दी गई। गत दिनों गांव राजेडू से भी घटिया निर्माण की शिकायतें आई और अधिकारी भी मौके पर आए। गांव आड़सर में भी ग्रामीणों ने कड़ी नाराजगी जताई पर नतीजा ढाक के तीन पात ही है। शनिवार सुबह गांव समंदसर के राजकीय स्कूल में जमकर हंगामा हुआ है। दबी आवाज में स्टाफ द्वारा इसमें सुधार की बात कही गई परंतु ठेकेदार द्वारा सुनवाई नहीं किए जाने की बात कही। ऐसे में ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए भवन निर्माण गिरने की घटनाओं का जिम्मेदार अधिकारियों को बताते हुए, घटिया निर्माण को बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ बताया है। ग्रामीणों ने कहा कि “साहब टाबर म्हाराल मर अठ, नेता अफसर या अधिकारियां का नहीं।” और रोष जताया। प्राय: सभी सरकारी निर्माणों की स्थिति दयनीय है और प्रतिशत बंटवारे में जनता के हाथ ये घटिया निर्माण ही आ पाते है। ग्रामीणों ने निर्माण रूकवाया और जमकर रोष जताया। ग्रामीणों ने बताया निर्माण, निपाई व तराई नहीं किए जाने की बात कही। यहां छत फट जाने की बात कहते हुए, ग्रामीणों ने बताया नींव डालने से लेकर निर्माण घटिया किया जा रहा है। स्टाफ ने बताया कि शुरू से ही पूरे निर्माण की फोटो खिंच-खिंच कर ऊपर तक पत्र लिखकर रिपोर्ट भेजी गई है। गांव के मांगीलाल गोदारा, मामराज गोदारा, पीथाराम भादू व श्योपत गोदारा सहित अनेक ग्रामीणों ने घटिया निर्माण की शिकायत लिख कर जिला प्रशासन को भी भेजी है।



