






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 जुलाई 2022। रविवार को हुई भारी बरसात के बाद अनेक स्थानों पर पानी भर हुआ है। बरसात से जन जीवन प्रभावित हुआ है और नागरिक खासी परेशानी झेल रहें है। अनेक गांवो में पानी भरा हुआ है और ग्रामीण इसे निकालने की मांग कर रहें है। गांवो में संसाधन नहीं होने व श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में भी संसाधन कम पड़ने से नागरिकों में रोष भी है।
श्रीडूंगरगढ़ हाई स्कूल में भरा पानी, छात्र परेशान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कस्बे का गंदा पानी हाई स्कूल की कक्षाओं तक पहुंच गया है। यहां विद्यार्थियों के बैठने को बैठने में कठिनाई का अनुभव हो रहा है। छात्रों ने बताया कि जिन कक्षाओं में बैठ सकते है वहां बुरी बदबू से बेहाल हो रहें है। आज छात्र संगठन एसएफआई के बेनर तले विदयार्थियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की व आक्रोश जताया। एसएफआई जिला अध्यक्ष मुकेश ज्याणी ने जनप्रतिनिधियों व प्रशासन को कोसते हुए कहा कि ये तहसील के सबसे बड़े स्कूल को गिन्नाणी बनाने पर तुले है। कैलाश मेघवाल ने कहा की गंदे पानी से निजात पाने के लिए विद्यार्थी आंदोलन का मार्ग अपनाएंगे।

गांव नोसरिया में घरों से निकलना हुआ दूभर, ग्रामीणों में रोष।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 जुलाई 2022। क्षेत्र के गांव नोसरिया में पिछले 15 दिनों से गांव की गुवाड़ में पानी भरा है। यहां कई ग्रामीणों का घर से निकलना दूभर हो गया है और निर्माणाधीन पंचायत भवन में भी पानी भर गया है। गांव के समेराराम प्रजापत, डूँगर मायल, सीताराम गोदारा, दुलाराम पुनिया, हरिराम जाट, मोहन पुनिया सहित अनेक ग्रामीणों ने जल निकासी करवाने की मांग की है। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र नोसरिया ने ग्राम पंचायत प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। नोसरिया ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत यहां मिट्टी का भराव कर पूरे गांव को राहत दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि श्रीडूंगरगढ़ प्रशासन को भी अवगत करवाया गया परंतु कोई सुध नही ली गई है।

सत्तासर में युवा टीम ने पानी के लिए बनाया मार्ग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। क्षेत्र के गांव सत्तासर में रविवार को भारी बरसात के बाद जल भराव हो गया। सरपंच सुनिल मलिक ने युवाओं के साथ मिलकर जल निकासी के लिए रास्ते बनाए। सरकारी भवनों की छतों के बंद पड़े नाले खोले गए व ग्रामीणों को राहत देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहें है।




