May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 अक्टूबर 2025। सोमवार को जयपुर में आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने प्रतिमाह 150 यूनिट नि:शुल्क बिजली योजना की शुरूआत की है। टाइम्स को इस योजना से संबंधित जानकारी के लिए कई किसानों, ग्रामीणों व आमजन के फोन व मैसेज प्राप्त हुए। इस योजना को पूरी तरह से समझे और जाने, विस्तार से श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स के साथ:-
सबसे पहले जान लेवें कि योजना से जुड़े कुछ एक्सपर्टस ने बताया कि इसमें जुड़ना अनिवार्य होगा, संभव है कि भविष्य में इसे शत प्रतिशत के लिए लागू करने के आदेश भी जारी होंगे।
विद्युत विभाग के एआरओ ओमनाथ सिद्ध ने बताया कि प्रति उपभोक्ता का इस योजना में शामिल होना शीघ्र ही अनिवार्य कर दिया जाएगा। उपभोक्ता जितना संभव हो शीघ्र ही इस योजना से जुड़कर सरकारी सहायता का लाभ उठा सकते है। योजना के तहत राज्य के घरेलू उपभोक्तओ को 150 यूनिट प्रतिमाह नि:शुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए उपभोक्ताओं को रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाना होगा। वे सभी उपभोक्ता जो मुख्यमंत्री नि:शुल्क बिजली योजना में पंजीकृत है, इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त कर सकेंगे। रूफ टॉप सोलर संयंत्र की स्थापना पर उपभोक्ता को पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत देय केंद्रीय वित्तीय सहायता के अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा भी 17 हजार की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर भी नि:शुल्क दिया जाएगा। सोलर संयंत्र स्थापना के बाद पात्र उपभोक्ता को प्रतिमाह 150 यूनिट तक बिजली नि:शुल्क प्राप्त होगी। इससे अधिक उपभोग होने पर अतिरिक्त यूनिट का भुगतान करना होगा। इस योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता http://150unitmuftbijli.bijlimitra.com व Bijli Mitra ऐप पर ऑनलाइन अथवा निकटतम उपखंड कार्यालय में सहमति पत्र जमा करवाया जा सकता है। इसके बाद पात्र उपभोक्ता को पीएम सूर्य घर नेशनल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ प्रापत कर सकते है। जिन लोगों के सोलर संयंत्र स्थापित है उनपर उनका ही स्वामित्व रहेगा। उपभोक्ता कार्यदिवस में उपखंड, खंड कार्यालयों में संपर्क कर इस योजना से संबधित जानकारी प्राप्त कर सकते है वहीं योजना से संबंधित शिकायत भी दे सकते है। राज्य सरकार ने जारी पत्र में कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहित करना, घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में राहत प्रदान करना, सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना है।