






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 31 जनवरी 2025। पोक्सो कोर्ट के पीठासीन अधिकारी विश्वबंधु पुरोहित ने एक 15 वर्षीय बालिका को उठा ले जाने और दुष्कर्म करने के अपराधी को 20 साल की कठोर कारावास और 96 हजार रूपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी समीर को दोषी माना और सजा सुनाई है। राशि जमा नहीं कराने पर उसे 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में 13 गवाहों के बयान हुए। राज्य की ओर से पैरवी विशिष्ट लोक अभियोजक सुभाष साहू व परिवादी की ओर से गणेश चौधरी ने की। कोर्ट ने प्रतिकर स्कीम में पीड़िता को 6 लाख रूपए देने व इसमें 4 लाख रूपए की एफडी कराने की अनुशंष की। पीड़िता को एक लाख रूपए क्षतिपूर्ति देने के भी आदेश दिए गए है।
ये था मामला।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। 25 दिसंबर 2020 की शाम को 15 वर्षीय दलित नाबालिग बालिका अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी आरोपी युवक उसे जबरन कार में उठाकर ले गया व बाम्बे कॉलोनी के पास कार लॉक कर कार में ही उसके साथ दुष्कर्म किया। देवनारायण कॉलोनी में रहने वाला आरोपी समीर पुत्र युसुफ निवासी घड़सीसर, सरदारशहर ने वारदात को अंजाम देने के बाद एक अन्य जने के साथ मिलकर किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। रात करीब 9.30 बजे बालिका को वहीं छोड़ गए। पीड़िता मुश्किल से घर पहुंची और परिजनों को घटना के बारे में बताया। बालिका के पिता ने 26 दिसंबर को थाने पहुंचकर मामला दर्ज करवाया।
24 घंटे में ही पुलिस ने आरोपी को पकड़ा था।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। 15 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी समीर को थाने में एफआईआर दर्ज होने के 24 घंटे में ही गिरफ्तार कर लिया गया था। जांच अधिकारी सीओ धर्माराम गिला ने उसके पीछे मुखबीर लगाए और भागने के फिराक में 27 दिसंबर 2020 को ही 26 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने बालिका का बीकानेर ले जा कर मेडिकल बोर्ड से मेडिकल करवाया गया।




