May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 28 जुलाई 2021। आप जिस काम की शुरुआत अच्छी करते हैं, उसका अंजाम भी अच्छा ही होता है. इसलिए पूरा दिन एनर्जेटिक और हैप्पी रहने के लिए आपको अपनी सुबह भी एनर्जी और हैप्पीनेस से भरपूर रखनी चाहिए. सुबह के समय आपको कुछ टिप्स को फॉलो करना चाहिए, जिन्हें करने में आपको 5 मिनट के आसपास समय लगेगा. लेकिन उसका फायदा आपको पूरा दिन रहेगा और आप पूरे दिन में जो भी काम करेंगे, वो बेहतर तरीके से होगा.

पूरा दिन एनर्जेटिक और हैप्पी रहने के लिए सुबह क्या करें?
पूरा दिन एनर्जेटिक और हैप्पी रहने के लिए आपको सुबह के समय अपने खानपान से लेकर एक्सरसाइज तक सभी बातों का ध्यान रखना चाहिए. आइए इन टिप्स के बारे में जानते हैं.

दिन की शुरुआत मेडिटेशन के साथ
आपको दिन की शुरुआत मेडिटेशन के साथ करनी चाहिए. आप हर सुबह करीब 5 से 10 मिनट का समय ध्यान लगाने में जरूर दें. इससे आपका मानसिक तनाव कम हो जाता है और आप पूरे दिन खुशहाल और ऊर्जावान रहते हैं.

डायाफ्राम ब्रीदिंग करें
ऊर्जावान रहने के लिए शरीर में ऑक्सीजन की जरूरत होती है. शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन रहने से सभी शारीरिक अंग बेहतर तरीके से काम करते हैं. इसलिए आप सुबह के समय 5 मिनट डायाफ्राम ब्रीदिंग जरूर करें. इसके लिए आप एक हाथ पेट पर रखें और एक हाथ सीने पर और सांस ऐसे लें कि वह सीधा आपके पेट में जाएं, छाती पर नहीं. सांस लेते हुए नाक का इस्तेमाल और छोड़ते हुए मुंह का इस्तेमाल करें.

नींबू के साथ गुनगुना पानी पीएं
शरीर को एनर्जेटिक रखने के लिए उसे हल्का रखना जरूरी होता है, जिसके लिए आपको शरीर से नुकसान करने वाले टॉक्सिन्स निकालने की जरूरत होती है. टॉक्सिन्स निकालने के लिए आपको सुबह गुनगुने पानी में नींबू डालकर पीना चाहिए. नींबू में मौजूद विटामिन सी आपका मूड बेहतर करेगा और गुनगुना पानी पेट और शरीर के अन्य अंगों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा.

एनर्जेटिक और हैप्पी गाने सुनें
संगत असर लाती ही हैं. आप सुबह के समय एनर्जेटिक और हैप्पी गाने सुनें. इससे आपका मूड भी बेहतर होगा. क्योंकि म्यूजिक एक मेंटल थेरेपी की तरह काम करता है.

सोशल मीडिया ना करें यूज
सुबह-सुबह सोशल मीडिया यूज करना आपके मूड के लिए खराब हो सकता है. क्योंकि, सोशल मीडिया पर मौजूद तनाव, बहस या बुरी खबर आपके मूड को एकदम खराब कर सकती हैं. इसलिए आपको सुबह के समय इससे दूरी ही बनानी चाहिए.

यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.