






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 अगस्त 2023। राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता मिले, इस मांग को लेकर अनेक साहित्यिक आंदोलन चल रहें है। परंतु जनसामान्य में मारवाड़ी भाषा के प्रति गौरव का भाव जगाने के साथ इस मांग को सरकार के कानों तक पहुंचाने का एक अनूठा प्रयास श्रीडूंगरगढ़ के रिड़ी गांव निवासी 30 वर्षीय युवक लालचंद पुत्र भंवरलाल जाखड़ ने किया है। लालचंद 29 जून को गांव से साईकिल पर भाषा जागरण यात्रा के लिए रवाना हुआ और आज 23 अगस्त को 56 दिन की यात्रा पूरी कर लौटा है। इनका नाम ही लाला राजस्थानी पड़ गया है और लाला ने बताया कि उनकी यात्रा का उद्देश्य रहा कि केन्द्र सरकार 8वीं अनुसूची में राजस्थानी भाषा को स्थान देवें व राज्य सरकार इसे राजभाषा के रूप में अंगीकार कर पाठ्यक्रम में शामिल करें। लाला ने बताया कि 56 दिनों में 5000 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर पश्चिमी राजस्थान से मध्य व पूर्वी राजस्थान के अनेक शहरों में पहुंचे व लोगों से मिलकर राजस्थानी भाषा के लिए आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि वे बीकानेर से फलौदी कोलायत के रास्ते जैसलमेर, बाड़मेर पहुंचे। यहां से बालोतरा, सांचौर, जोधपुर, पाली, सोजत, अजमेर, ब्यावर, जयपुर, सीकर, झुझुंनू, चुरू, तारानगर, भादरा, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, अनुपगढ़, सूरतगढ़, छतरगढ़, लूणकरणसर सहित अनेक छोटे बड़े गांव व कस्बों से होते हुए आज सुबह श्रीडूंगरगढ़ पहुंचे। लालचंद ने बताया कि मार्ग में फतेहपुर में विधानसभा नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने उनका सम्मान किया और इस दिशा में कार्य करने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने बताया कि मार्ग में बड़ी संख्या में लोग मिले व भाषा के लिए जागरण यात्रा निकालने के प्रयास की सराहना की व उनका स्वागत सम्मान किया। लाला ने श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स को बताया कि उनका प्रयास है कि आमजन भाषा की मान्यता के लिए एकजुट होवें। उन्होंने सभी स्वागतकर्ताओं का और भाषा प्रेमियों का आभार भी जताया।
जाखड़ की अगुवाई में किया स्वागत।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। भारतीय किसान संघ के तोलाराम जाखड़ की अगुवाई में अनेक भाषा प्रेमियों ने लालचंद का फूलमालाओं से स्वागत किया। जाखड़ ने कहा कि हमें लालचंद पर गर्व है कि उन्होंने भाषा को मान्यता दिलवाने के लिए 5000 किलोमीटर का कठिन सफर इस गर्मी, बरसात में पूरा किया। जाखड़ ने कहा कि वे पीएम को पत्र लिखकर इसकी जानकारी देते हुए मांग करेंगे कि राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दी जाए। इस दौरान डीजे यूनियन अध्यक्ष हंसराज डेलू, उपाध्यक्ष श्रीराम गोदारा, अजीत सिंह, भैराराम, जीवराज गोदारा, पप्पू वाल्मीकि, शंकर लाल गोदारा, संतोष सेन, दशरथ मिस्त्री सहित अनेक भाषा प्रेमी मौजूद रहें।
यूथ कांग्रेस कार्यालय में बाना की अगुवाई में किया स्वागत।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लाला राजस्थानी का श्रीडूंगरगढ़ पहुंचने पर यूथ कांग्रेस कार्यालय में मायड़ भाषा के लिए किए गए उनके संघर्ष के लिए सम्मान किया गया। युवा नेता हरिराम बाना ने लाला की यात्रा की सराहना करते हुए उनसे यात्रा वृतांत पूछे व साफा पहना कर सम्मान किया। यहां खींवराज सांखला, दिनेश पिलानियां, ओमप्रकाश जाखड़, मोसिन खान, तुलसीराम जाखड़, बाबूलाल चोटिया, सूरज चोटिया, गणपत जाखड़, विनोद गोदारा, प्रकाश चोटिया, बलराम जाखड़, मांगीलाल नाई, पूनमचंद जाखड़, रामचंद्र चोटिया, राकेश सारण, घनश्याम गोदारा, शुभम शर्मा आदि मौजूद रहें। सभी ने लालचंद को फूलमालाएं पहनाई व बधाईयां दी।
गांधी पार्क में कालवा की अगुवाई में किया स्वागत, पहनाई 11 हजार की माला।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लाला राजस्थानी का स्वागत समारोह गांधी पार्क में योगगुरू ओम कालवा की अगुवाई में आयोजित किया गया। कालवा ने इसे भाषा की मान्यता के लिए किया गया अद्भुत संघर्ष बताया। यहां रिड़ी के सुबोध शिक्षण संस्थान की ओर से सुमेर शेखावत व सांवरमल तावणियां ने 11 हजार नोटों की माला पहना कर लाला राजस्थानी का स्वागत किया। यहां गोविंद कलर लेब के संचालक खिंवराज सांखला, जिज्ञासु सिद्ध सहित अनेक भाषा प्रेमी मौजूद रहें।






