श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। हादसे में घायलों के बयान लेते एएसआई हेतराम।







श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 सितम्बर 2019। सरकार भले ही कठोर कानून बना दे व यातायात नियम लागू कर दें लेकिन वास्तविकता यही है कि आज भी जागरूकता के अभाव में ग्रामीण इलाकों में गरीबों की जान के साथ आए दिन खिलवाड़ होता है। भीषण दुर्घटना के रूप में ऐसा ही प्रकरण मंगलवार को श्रीडूंगरगढ़-सुजानगढ़ रोड पर सामने आया। गांव बाडेला में चल रहे निजी निर्माण कार्य पर मजदुर लाने के लिए एक पिकअप गांव इंदपालसर बास गयी, व वहां से मजदुरों का लेकर आ रहा था। विडम्बना रही कि करीब 15 मजदुरों को लाने के लिए किसी भी सवारी वाहन के बजाए माल वाहन पिकअप का प्रयोग किया गया। इस गाड़ी को इंदपालसर बास से रवाना होते ही नौसरियां कैम्प के पास ग्लोबल स्कूल के सामने बने खढ्ढों की चपेट में आने से ड्राईवर गाड़ी पर नियंत्रित नहीं रख पाया व पिकअप पलट गई। गाड़ी पलटने से पिकअप में सवार मजदुर गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें निजी वाहनों से श्रीडूंगरगढ़ चिकित्सालय तक लाया गया। एएसआई हेतराम ने बताया कि घायलों में राजपालसिंह 32, तेजाराम मेघवाल 35, नत्थाराम नायक, परमेश्वर नायक व राकेश नायक को अधिक चोटें आने के कारण बीकानेर रैफर किया गया। अन्य घायल रामरख नायक, हडमानसिंह, महावीर सिंह, सत्यनारायण नायक, हुकमसिंह, ईशर नायक, छोटूराम, रूघवीरसिंह को श्रीडूंगरगढ़ चिकित्सालय में ही उपचार दिया गया व अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक यह जानलेवा लापरवाही बरती जाएगी। परिवहन विभाग सहित पुलिस, प्रशासन आदि भले ही थानों के सामने व हाईवे पर जांच अभियान चला ले लेकिन जब तक आम लोगों का मानस नियम मानने का नहीं होगा तब तक ऐसे हादसे होते रहेगें।



