






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 26 जून 2022। क्षेत्र के ज्योतिषाचार्य राजगुरु रामदेव उपाध्याय ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब दो शत्रु ग्रह एक ही राशि में होते हैं तो अशुभ योग बनता है। इस अशुभ योग का असर देश-दुनिया के साथ-साथ हर व्यक्ति के जीवन पर भी दिखाई देता है। ऐसा ही एक अशुभ योग जल्दी ही बनने वाला है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, दिनांक 27 जून 2022 सोमवार को मंगल ग्रह का राशि परिवर्तन होने जा रहा है। सोमवार को मंगल ग्रह मीन राशि से स्वराशि मेष में प्रवेश करेगा। मेष राशि में पहले से ही राहु स्थित है। इस तरह एक ही राशि में राहु और मंगल की युति होने से “अंगारक योग” (Angarak Yoga 2022) का निर्माण हो रहा है। जो ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार एक अशुभ योग है यह योग दिनांक 10 अगस्त 2022 बुधवार तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु और मंगल दोनों ही उग्र स्वभाव के ग्रह हैं। इन दोनों ग्रहों की एक ही राशि में उपस्थिति किसी बड़ी घटना-दुर्घटना का कारण भी बन सकती है। ये योग जब तक रहेगा तब तक देश-दुनिया में कुछ न कुछ उठा-पटक चलती रहेगी। आगे जानिए अंगारक योग का प्रभाव और इसके अशुभ फल से बचने के उपाय…
अंगारक योग का प्रभाव (Effect of Angarak Yoga)
– 27 जून 2022 को जैसे ही मंगल ग्रह मेष राशि में प्रवेश करेगा, राहु से मंगल की युति बन जाएगी और अंगारक योग का अशुभ प्रभाव आरम्भ हो जाएगा। इस अशुभ योग का असर देशऔर दुनिया पर भी देखने को मिल सकता है।
– अंगारक योग के कारण देश के कुछ हिस्सों में हिंसा, प्रदर्शन और यातायात दुर्घटनाएं बढ़ने की भी संभावनाएं है। वही प्राकृतिक आपदाएं जैसे भूकंप, तूफान या भूमि स्खलन आदि घटनाएं भी घटित हो सकती है।
– इस समय बारिश का मौसम भी रहेगा , जिसके चलते देश में कुछ स्थानों पर अतिवृष्टि से जान-मान का नुकसान भी हो सकता है तो कहीं अनावृष्टि के कारण हाहाकार मचने की संभावनाएं भी प्रतीत हो रही है। इस दौरान आगजनी की घटनाएं भी अचानक बढ़ सकती है, जिससे जान-माल का नुकसान भी हो सकता है। साथ ही आतंकवादी गतिविधियां बढ़ने से सेना को अधिक मशक्कत भी करनी पड़ सकती है।
लोगों में हृदय रोग, चोट , जलना और हाई ब्लडप्रेशर जैसी बीमारियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान कुछ लोगों की जान भी जा सकती है। इसलिए लोगों को अपनी सेहत का खास ध्यान रखना ही उपयुक्त रहेगा संपत्ति आदि मामलों में तेजी आ सकती है। भूमि-भवन से जुड़े मामले एक के बाद एक सुलझने के भी आसार प्रतीत हो रहे हैं। वहीं जमीनों के दामों में अचानक उतार- चढ़ाव भी हो सकता है।
किन लोगों पर होगा सबसे ज्यादा नकारात्मक असर ?
जिस जातक की जन्मकुंडली में राहु और मंगल एक ही भाव में है, उस जातक के जीवन पर इस अशुभ योग का सबसे अधिक असर देखने को मिल सकता है।
अंगारक योग के अशुभ फल से बचने के लिए क्या उपाय करें?
1. मसूर की दाल का दान करें।
2. मंगलवार को तांबे के बर्तन में अनाज भरकर ब्राह्मण को दान करें।
3. पानी में लाल चंदन डालकर स्नान करें।
4. हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाएं।
5. तांबे का चौकोर टुकड़ा नदी में प्रवाहित करें।
राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय
(ज्योतिविद “श्री डूंगरगढ़ “- 9829660721)




