






श्रीडूंगरगढ टाइम्स 20 मई 2023। सिंधी कॉलोनी में महावीर प्रसाद, चन्द्रप्रकाश शर्मा परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन शनिवार को कथावाचक स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज के शिष्य संत प्रहलाद महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा चित्रण बताते हुए संसार में मित्रता को सबसे बड़ा रिश्ता बताया। उन्होंने बताया कि कैसे बिना याचना के कृष्णा ने गरीब सुदामा का उद्धार किया था। मित्रता निभाते हुए सुदामा की स्थिति को सुधारा। इस दौरान पंडाल के मौजूद श्रदालु भावुक हो गए और श्रीकृष्ण के जयघोष लगाए। महाराज ने कहा कि मित्रता सदैव सज्जन से ही व्यक्ति करें। कथा में दत्तात्रेय की 24 गुरुओं के व्यक्तांग भी सुनाए गए। महाराज ने 24 गुरुओं में पृथ्वी, सूर्य, पिंगला, वायु, मृग, समुद्र, आकाश, जल, अग्नि, चंद्रमा, कुमारी कन्या आदि
को शामिल होने की बात कही। कथा में संगीतमय भजनों की प्रस्तुतियां भी दी गई। इस दौरान देवी देवताओं की संजीव झांकिया सझाई गई। कथा में बड़ी संख्या में श्रदालु शामिल रहें। महाराज ने गौवंश के सरक्षंण की अपील भी श्रद्धालुओं से की।




