May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 अगस्त 2023। अखिल भारतीय जसनाथी महासभा बीकानेर में आपसी गुटबाजी दिनोंदिन बढ़ रही है। आज दूसरे गुट ने महासभा की बैठक बुलाई और ये बैठक सिद्ध धर्मशाला में वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईश्वरनाथ सारण की अध्यक्षता में आयोजित की गई। महामंत्री रूघनाथ भादू व उपाध्यक्ष काननाथ कूकणा व उपस्थित सदस्यों ने 16 प्रबंधकारिणी का चयन किया गया। इससे पूर्व 6 अगस्त को अध्यक्ष गुट ने भी बैठक का आयोजन कर कार्यकारिणी का अनुमोदन किया था आज दूसरे गुट ने भी 16 सदस्यीय प्रबंधकारिणी का गठन किया।

बैठक में हुए शामिल।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आज की बैठक में बड़ी संख्या में सिद्ध समाज के नागरिक उपस्थित रहें और 16 सदस्यों की प्रबंधकारिणी का गठन किया गया। हालांकि समाज के अनेक प्रबुद्ध जन दोनों गुटों के गतिरोध को समाप्त कर संगठन को एकजुट रखने के प्रयास कर रहें है। अखिल भारतीय जसनाथी महासभा के पूर्व अध्यक्ष दीपनाथ, पूर्व महामंत्री नारायणनाथ भादू, सार्दुलनाथ, रूस्तम धोरा ट्रस्ट के अध्यक्ष पोकरनाथ डांगा, मंत्री जिज्ञासु सिद्ध, कोषाध्यक्ष काननाथ, श्रीदेव जसनाथ संस्थागत वनमंडल अध्यक्ष बहादुरनाथ भारी, सिद्ध युवा महासभा के उपमंत्री चेतनाथ सारण, प्रवक्ता प्रेमनाथ सारण, पूर्व अध्यक्ष बीरबलनाथ जेतासर, पूर्व अध्यक्ष ओमनाथ बादड़िया, पूर्व सरपंच बिशननाथ आडसर, पूर्व जिलापरिषद सदस्य हेमनाथ जाखड़, रामकरणनाथ बंबलू, जिला उपाध्यक्ष ओबीसी मोर्चा बीकानेर, राजूनाथ वार्ड पार्षद सरदारशहर, पंचायत समिति सदस्य भींवनाथ लाखनसर, पूर्व पंचायत समिति सदस्य नागौर डालनाथ पोटा, श्रीदेव जसनाथ सेवा समिति सरदारशहर अध्यक्ष माननाथ महिया, देवनाथ दुंकर सहित सिद्ध समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहें।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सिद्ध समाज के दूसरे गुट ने आज बुलाई बैठक।

सिद्ध समाज को मिले आरक्षण, नेता प्रतिपक्ष राठौड़ ने लिखा पत्र।  

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष व भाजपा विधायक राजेन्द्र राठौड़ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर सिद्ध समाज विकास संस्थान की मांग पर सिद्ध समाज को केन्द्र की अन्य पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल करवाने के लिए कार्रवाई करने की मांग की। संस्थान के अध्यक्ष कुंभराम सिद्ध ने बताया कि राजनीतिक व प्रशासनिक सेवाओं में सिद्ध समाज की भागीदारी ना के बराबर है क्योंकि समाज 7-8 जिलों में ही है। समाज की आने वाली पीढ़ी को अपना हक मिल सके इसलिए विभिन्न स्तर पर आरक्षण के लिए संघर्ष किया जा रहा है।