






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। राजकीय कन्या महाविद्यालय में छात्राओं के लिए सार्थक आयोजन हुआ जिसमें छात्राओं व युवा पीढ़ी को प्रेरणा देने के लिए प्रभावशाली उद्बोधन दिए गए। कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ तेजकरण चौहान ने कहा कि युवा कर्तव्य निर्वहन के लिए तत्पर रहें। हर एक युवा को परिवार, राष्ट्र एवं समाज के प्रति कर्तव्य बोध रहना चाहिए जिससे सशक्त राष्ट्र का निर्माण हो सकें। संस्कारशील, सक्षम व समर्थ युवा ही युग प्रवर्तक हो सकता है। चौहान कॉलेज में आयोजित अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, (उच्च शिक्षा) की स्थानीय इकाई द्वारा आयोजित कर्तव्य बोध दिवस के समारोह में छात्राओं को उद्बोधन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को कर्तव्यों का पालन निष्ठा पूर्वक करना चाहिए। चौहान ने भगवान श्रीराम के जीवन वृतांत के बारे में बताते हुए कहा कि श्रीराम का संपूर्ण जीवन कर्तव्य पालन की श्रेष्ठतम मिसाल है। प्राचार्य ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन प्रसंगों की चर्चा करते हुए छात्राओं को प्रेरित किया कि जीवन में कितनी ही मुश्किलें आए परंतु हमें कभी भी कर्तव्य से विमुख नहीं होना चाहिए। अधिकारों से ज्यादा कर्तव्यों के निर्वहन पर केंद्रित रहना चाहिए। इस दौरान डॉ. प्रीति सक्सेना ने छात्राओं को अपने परिवार और रिश्ते नातों के प्रति संवेदनशील रहकर आत्मीय संबंधों को जीवंत बनाने हेतु प्रेरित किया। शर्मा ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को संस्कारित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी छात्राओं के कंधों पर है ऐसे में वे अपने कर्तव्यों के प्रति स्पष्ट रहेगी तो भावी पीढ़ियां भी ये गुण सीख सकेगी। कार्यक्रम में संकाय सदस्य डा. आनंद नारायण पुरोहित, डा.उर्मिला यादव, डा.चित्रा आचार्य, अशोक फुलवरिया, जितेंद्र भाटी एवम महाविद्यालय की छात्राओं की उपस्थित रही। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य तेजकरण चौहान ने सभी का आभार जताया।




