May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 जुलाई 2024। नए कानूनों के अंतर्गत भारतीय न्याय सहिंता में महिलाओं के खिलाफ अपराध के विषय में विस्तार से बताया गया है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को हम 2 भागों में बांट कर समझने का प्रयास करेंगे। पहला भाग आपने बुधवार को पढ़ा व आज गुरूवार को पढें दूसरा भाग:-
पहले भाग में महिला के विरुद्ध आपराधिक बल और हमले के विषय में जानकारी करें:-
ब्लात्संग (रेप) क्या है:-
नए कानूनों में सात ऐसी स्थितियों के बारे मे बताया गया है जब किसी महिला के साथ प्राकृतिक या अप्राकृतिक रूप से स्थापित किये गए सेक्सुअल रिलेशन को ब्लातसंग (रेप) माना जायेगा।
1. किसी महिला कि इच्छा के विरुद्ध।
2. उस महिला कि सम्मति के बिना।
3. महिला को मृत्यु या नुकसान करने का डर दिखा कर ली गई अनुमति।
4. जब पुरुष जानता है कि वह महिला का पति नहीं है लेकिन महिला इस विश्वास पर अनुमति या सम्मति देती है कि महिला को लगता है कि यह पुरुष उससे विवाह कर लेगा।
5. महिला कि मानसिक अवस्था सही ना होने, नशे में होने, चित्त वीकृति कि दशा, किसी पुरुष या अन्य व्यक्ति द्वारा कोई नशीला पदार्थ दिए जाने के बाद महिला द्वारा दी गई सम्मति व ऐसी स्थिति जब महिला प्रकृति और परिणामों को समझने मे असमर्थ हो।
6. नाबालिग या 18 वर्ष से कम आयु कि अवस्था में महिला द्वारा दी गई अनुमति।
7. जब महिला सम्मति को समझने में असमर्थ हो।
नोट – सम्मति का अर्थ स्पष्ट स्वेच्छिक सहमति को माना गया है।
ब्लात्संग (रेप) के लिए दंड:-
सामान्य पुरुष को रेप करने के अपराध में दोषी साबित होने पर कठिन कारावास जो कम से कम 10 वर्ष का होगा समेत आजीवन कारावास व जुर्माने से दण्डित किया जाएगा। वहीं रेप का आरोपी अगर ऐसा पुलिस अधिकारी है जिसने किसी भी थाने में या किसी अधिकारी या अधीनस्थ कि अभिरक्षा में रेप किया हो, कोई लोकसेवक या कोई सशस्त्र बलों का कोई सदस्य हो, कोई अस्पताल से सबंधित कर्मचारी जिसने अस्पताल में रेप किया हो, महिला का रिश्तदार हो, किसी हिंसा के दौरान रेप किया गया हो, गर्भवती महिला से रेप किया गया हो, अनुमति देने या न देने में असमर्थ महिला से रेप किया हो, मानसिक या शारीरिक नि:शक्तता से ग्रसित महिला से रेप किया हो, लगातार रेप करता रहा हो, रेप के समय महिला को गंभीर शारीरिक चोट पहुंचाएगा या उसके जीवन को संकट में डाला हो, इस तरह कि स्थिति में कठिन कारावास के साथ कम से कम 10 वर्ष या पूरे जीवन काल तक जेल में रहने के साथ जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है।
कुछ विशेष मामलों मे दंड:-
1. सोलह वर्ष से कम आयु कि महिला से रेप करने पर कम से कम 20 साल से लेकर पूरे जीवन कठिन कारावास व जुर्माने की सजा होगी। यह जुर्माना पीड़िता को मिलेगा।
2. बारह वर्ष से कम आयु कि महिला से रेप करने पर भी 20 साल से अधिक व जीवन भर तक कठिन कारावास के साथ महिला के चिकित्सकीय खर्चे व पुनर्वास का जुर्माना देना होगा जो पीड़िता को मिलेगा।
पीड़िता कि मृत्यु या विकृत दशा के लिए सजा:-
रेप के दौरान महिला को ऐसी क्षति पहुंचाए जिससे महिला कि मृत्यु हो जाए या जिसके करण उस महिला कि दशा सतत विकृतशील हो जाए तब कम से कम 20 वर्ष का कठिन कारावास या जीवन भर जेल के साथ मृत्यु दंड कि सजा भी मिल सकेगी।
तलाक के बाद पत्नी के साथ बिना सहमति सेक्सुएल रिलेशन पर सजा:-
प्रथक्करण की डिक्री के अधीन कोई पति अपनी पत्नी कि सहमति के बिना उसके साथ सेक्सुएल रिलेशन स्थापित करता है तो ऐसी स्थिति में उसे कम से कम 2 वर्ष व अधिकतम 7 वर्ष तक के कारावास व जुर्माने से दण्डित किया जाएगा।
नोट:- सामूहिक रेप व बारबार रेप करने के आरोपियों पर भी कठोर सजा का प्रावधान नए कानूनों में किया गया है। ऐसे आरोपियों को भी कम से कम 20 साल से लेकर आजीवन कारावास, जीवन पर्यन्त कारावास, जुर्माने के साथ मृत्युदंड तक कि सजा दी जा सकेगी।
विशेष:- किसी रेप पीड़िता या महिला अपराध से पीड़ित किसी महिला कि पहचान उजागर करने, मुद्रीत करने या प्रकाशित करने पर 2वर्ष के कारावास व जुर्माने कि सजा हो सकेगी।