






डेलवां से धूमधाम से पैदल संघ रवाना।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। क्षेत्र में चारों ओर से शरद पूर्णिमा पर सालासर बालाजी के दर्शन के लिए अनेक संघ रवाना हो रहें है। इनमें उत्साह के साथ अनेक युवा शामिल हो रहें है। शनिवार को नागा बाबा संघ के बैनर तले गांव डेलवां से सालासर पैदल यात्री संघ धूमधाम से रवाना हुआ है। दोपरह सवा ग्यारह बजे हनुमानजी मंदिर से पूजन करने के साथ संघ सदस्य रवाना हुए। संघ अध्यक्ष बंशीधर पारीक ने बताया कि संघ में युवा राजेश डेलू, सीताराम सोनी, हेतराम डेलू, अशोक डेलू, रामदत्त पारीक सहित 35 सदस्य शामिल है। रविवार सुबह संघ गांव बाना पहुंच गया तथा सदस्यों ने बताया कि 15 अक्टूबर को वे सालासर पहुंचकर बालाजी के दर्शन करेंगे।

ठुकरियासर से सैंकड़ो पदयात्री रवाना।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। क्षेत्र के गांव ठुकरियासर से रविवार सुबह धूमधाम से सालासर के पैदल यात्री संघ रवाना हुआ है। संघ सदस्यों ने अयोध्या धाम पंच पीठ हनुमान मंदिर में पूजन किया व जयकारों के साथ पदयात्री रवाना हुए। ये संघ की 27वीं फेरी है और संघ में 350 से अधिक यात्री शामिल है। संभवत: ये क्षेत्र का सबसे बड़ा पदयात्री संघ है जिसमें इतनी बड़ी संख्या पुरूषों के साथ महिला श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी है। रवानगी से पूर्व संघ की प्रेरणा रहें दिवंगत सीताराम सारस्वत को संघ पदाधिकारियों ने याद किया व सभी पदयात्रियों ने बाबा के जयकारे लगाए। यहां हनुमानजी की झांकी सजाई गई व यात्री खूब नाचते गाते रवाना हुए। बड़ी संख्या में ग्रामीण गांव की पोल तक यात्रियों को विदा देने आए और यात्रियों को मंगलकामनाए दी।


16 अक्टूबर से होगी भागवत प्रारंभ, संत भरतशरण करेंगे वाचन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। 16 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक कस्बे में झंवर बस स्टैंड के निकट कृष्णादेवी नफेसिंह चौधरी के निज निवास पर भागवत कथा ज्ञान यज्ञ प्रारंभ होगा। कथा का वाचन वृंदावन के जानकी महल आश्रम के महंत भरतशरण जी महाराज करेंगे। 16 अक्टूबर की सुबह 8 बजे शिवजी मंदिर से कथा स्थल तक कलश यात्रा निकाली जाएगी व दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक कथा वाचन किया जाएगा। कथा के दौरान विभिन्न प्रसंगों के साथ झांकियां भी सजाई जाएगी। आयोजक परिवार कथा आयोजन की तैयारियों में जुटा है।
स्वर्णकार मंदिर से निकाली कलश यात्रा, सजाई झांकिया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीमैंढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समजा द्वारा संचालित आशापुरा भवानी माताजी मंदिर में नौ दिवसीय नवरात्र आयोजन शनिवार को धूमधाम से संपन्न हुआ। महानवमी पर कलश यात्रा निकाली गई जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। यात्रा में भाग लेने वाली महिलाओं को काशीराम मौसुण, गौरीशंकर जोड़ा, हरिओम मौसुण, मांगीलाल मौसुण द्वारा चुनरी वितरित की गई। कलश यात्र के साथ सुदंर झांकिया सजाई गई जिनमें माँ जगदम्बा सहित शिव पार्वती, राधा कृष्ण, हनुमानजी के रूप सजाए गए। इसके पश्चात मंदिर में हवन का आयोजन किया गया। शाम को मुख्य बाजार में माताजी की ज्योत निकाली गई। वहीं शुक्रवार को मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार युवक संघ द्वारा माँ को छप्पन भोग का प्रसाद भोग लगाया गया। संघ के मुखराम कड़ेल, मदन कड़ेल, दीपक डांवर, रणजीत कड़ेल, ताराचंद मौसुण, किशन मौसुण, सुशील तोषावड़, बाबूलाल, मोहनलाल डांवर, विकास जांगलवा, नंदकिशोर, श्रवण बूटण, पूनमचंद कड़ेल, युवराज, चंपालाल जांगलवा, राम तोषावड़, सहित युवकों ने छप्पन भोग का आयोजन संपन्न करवाया। समाज अध्यक्ष ओमप्रकाश कड़ेल, मंत्री ओमप्रकाश धुपड़, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र सोनी सहित अन्य पदाधिकारी पवन गोयतान, रामावतार जांगलव, पवन बूटन ने नवरात्रा उत्सव पूर्ण होने पर सभी का आभार जताया।

बंगाली पूजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कस्बे के बिग्गा बास में गणेश मंदिर के पास बंगाली समाज द्वारा माँ दुर्गा का पांच दिवसीय पूजन आज सुहागिनों के सिंदुर खेलने के साथ पूर्ण हुआ। माता को सिंदूर लगाकर महिलाओं ने एक दूसरे को अखंड सौभाग्य की शुभकामनाएं दी। माता के वस्त्र के रक्षासूत्र भी बांधे गए। कलश लेकर मुख्य यजमान के घर स्थापित करने के पश्चात मूर्ति विसर्जन के लिए रवाना हुए। ढोल व डीजे के साथ नाचते गाते लोगों ने मूर्ति के साथ यात्रा निकाली। यात्रा भैरव मंदिर से रानी बाजार होते हुए मुख्य बाजार से घूमचक्कर तक निकाली गई। इस दौरान अनेक स्थानीय महिलाएं व पुरूष भी पूजन में शामिल हुए। समाज के लोग नंगे पांव यात्रा में शामिल हुए है। वहीं कुछ मुख्य लोग माताजी विसर्जन के लिए जाएंगे।





