May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 31 जनवरी 2025। घर बैठे पैसे कमाने का मौका.. वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी का बड़ा जाल साइबरों ठगों द्वारा रचाया जा रहा है। यदि आपके पास भी ऐसे मैसेज या कॉल आ रहें है तो सावधान हो जाएं। क्योंकि ये विभिन्न कंपनियों या ब्रांड का नाम लेकर पेंसिल बनाने, मोमबत्ती बनाने या अन्य कोई काम का बहाना बनाते है। ऐसी कॉल आए तो समझ लेवें ये स्केमर जो आपको ठगने का प्रयास कर रहे हैं। साइबर सेल के मुताबिक ऐसे मामले में सबसे ज्यादा महिलाएं ठगी के शिकार हो रही हैं।

वर्क फ्रॉम होम के जाल में फंसाते हैं ठग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सेरुणा थाना क्षेत्र में हाल ही में ऐसा एक मामला सामने आया है। जहां किसी स्केमर ने एक महिला को वर्क फॉर होम जॉब के तहत नटराज पेंसिल पैक करने के एवज में मासिक तीस हजार रुपए तक कमाने का आफॅर दिया। जब महिला ने काम करने के प्रति अपनी रूचि दिखाई तो कुछ देर बाद स्केमर ने स्वयं को कम्पनी प्रतिनिधि बताने के लिए फेक आईडी भी महिला को वाटसएप पर भेज दी। इसके बाद ठग ने पहले 650 रुपए के पंजीकरण शुल्क की मांग की। बाद में प्रार्थी से 2,000 रुपए आगे की प्रक्रिया के लिए मांग की। दोनों बार ठग की मांग पूरी करने के बाद जब ठग ने आगे कार्ड बनाने, कार्ड वेरिफिकेशन, डिलिवरी ब्वाय को मेल प्रूफ, प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर अतिरिक्त पैसों की मांग की तो महिला को अपने साथ ठगी होने का अहसास हुआ। जब उसने अपने पैसे मांगे तो स्केमर ने उसे उठा लेने की धमकी दे डाली।
ठगी के शिकार महिलाएं इसलिए नहीं पहुंचती थाने।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ऐसे मामलों में सबसे ज्यादा महिला ही ठगी का शिकार होती है। ठगे जाने पर भी वह संबंधित थाने नहीं जाती हैं। उन्हें पता होता है कि छोटी रकम होने पर रिकवरी होना संभव नहीं है। उल्टा जब लोगों को पता चलेगा तो वे मजाक का पात्र बन जाएगी। कई मामलों में ठगों द्वारा धमकाया भी जाता है।‌ ऐसे ठग अपने व्हाट्सएप प्रोफाइल में किसी पुलिस अफसर की फोटो भी लगा कर रखते हैं।
पुलिस ने कहा ठगों से रहे सावधान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इस सन्दर्भ में सेरूणा पुलिस थाने के एसएचओ पवन कुमार शर्मा ने बताया कि ऐसे मामलों में ठग किसी भी कम्पनी की फेक आईडी दिखाकर अपनी पहचान दर्शाते हैं। ऐसे में सभी लोगों को ठगों से सावधान रहना चाहिए। अपनी पर्सनल बातें, आधार कार्ड, पेन कार्ड किसी अनजान के साथ शेयर ना करें। ठगी होने की सूचना पुलिस को देवें जिससे संबंधित नबंर बंद करवाए जा सकें।