May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 8 जून 2025। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांव सुरजनसर-आडसर के बीच मे गोचर भूमि पर अतिक्रमण कर के शनि मंदिर की आड़ में तांत्रिक क्रिया करने वाले तांत्रिक दुष्कर्मी की गिरफ्तारी के बाद, उसके पहले 5 हत्याएं करने की जानकारी सामने आई है, तब से ही क्षेत्र में आक्रोश, अफवाहों और आशंकाओं के माहौल का दौर चल रहा है। सुरजनसर, आडसर सहित धीरदेसर पुरोहितान, उदासर के ग्रामीणों में तो भय व्याप्त है और कोई खुल कर बोलना भी नहीं चाहता है। वही दूसरी ओर आरोपी बेहद शातिर है एवं पुलिस हिरासत में भी अपना सर दीवारों से भिड़ाने लगा था। ऐसे में पुलिस ने भी आरोपी से आवश्यक पूछताछ कर उसे न्यायालय में पेश किया व आरोपी को बीकानेर जेल भेज दिया गया है। वहीं सीओ श्रीडूंगरगढ़ निकेत पारीक ने पुलिस टीम व एफएसएल टीम के साथ मौका स्थल पर जांच व सबूत एकत्र किए।

करीब 7 साल पहले आया श्रीडूंगरगढ़, 50 बीघा जमीन पर अतिक्रमण, क्यो नहीं चल रहा बुलडोजर.?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आरोपी दुष्कर्मी श्रीभगवान सोनी ने वर्ष 1993 में बीदासर में 5 हत्याएं की थी और इस मामले में करीब 21 सालों तक जेल में रहने के बाद परमानेंट पेरोल पर इसे छोड़ दिया गया था। उसके बाद करीब 7 साल पहले श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांव सुरजनसर और आड़सर के बीच स्थित गोचर भूमि पर अतिक्रमण कर अपना आश्रम बना लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी ने लोगो से चंदा व चढ़ावा लेकर करीब 1.5 बीघा जमीन पर एक छोटा मंदिर, चौकी, दुकान, कमरा, दो छपरे आदि का निर्माण करवा लिया। इसी जगह पर आरोपी ने दोनों बालिकाओं के साथ वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी द्वारा 50 बीघा से अधिक जमीन पर तारपट्टी करके अतिक्रमण करने की बात भी निकल कर आ रही है। आरोपी ही इसे मंदिर के अधीन आने वाली भूमि बताते हुए इसे बुवाई के लिए किराए पर भी देता था। ऐसे में क्षेत्र के युवाओं ने आक्रोश जताते हुए इस अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई करने की मांग भी प्रशासन से की है। साथ ही सवाल भी उठ रहे है कि जब इस घिनोनी वारदात के सामने आने व मेडिकल रिपोर्ट में भी दोनों मासूम बच्चियों के साथ गलत घटना होना सामने आने के बाद भी प्रशासन गोचर भूमि में अतिक्रमण पर बुलडोजर चलवाने में किसका इंतजार कर रहा है.?

कई आशंकाएं, कई अफवाहें।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सुरजनसर, आडसर व धीरदेसर के कई ग्रामीणों से इस बारे में पूछा गया तो सभी में तांत्रिक के सबन्ध में भय नजर आया। लोग दबी आवाज में यहां अनेक अपराध होने की बात कहते हुए, नशे सबंधी मादक पदार्थो की खरीद-बिक्री होने, व करीब 3 साल पहले एक हत्या का मामला भी आने की बात कह रहें है। साथ ही इन गांवों में भी तंत्र-मंत्र के नाम पर कई लोगों द्वारा आरोपी तांत्रिक के कुकर्मों में साथ देने के आरोप भी लगाए गए है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी इस सबन्ध में प्रशासन से गहन जांच करने की मांग की है।

ये था मामला, पढें पूरी जानकारी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पांच निर्मम हत्याओं का आरोपी 50 वर्षीय श्रीभगवान सोनी ने बीदासर में जिस वारदाता को अंजाम दिया उसके बारे में वहां के बुजुर्ग उस विभत्स दृश्य को याद कर आज भी सिहर उठते है। घटना के पीड़ित ज्वैलर्स बीदासर निवासी शिवप्रताप पुत्र जोराराम सोनी ने पुलिस को रिपोर्ट देते हुए बताया कि 17 दिसंबर 1993 को वह अपनी पत्नी भंवरी के साथ अपनी बड़ी बेटी के 20 फरवरी को होने वाले विवाह की तैयारी में खरीदारी करने जयपुर चले गए। घर पर पिता जोराराम, माता रामसुखी व बेटियां संगीता, सरोज व रेणु घर पर ही थे। रात करीब 9 बजे जब वह जयपुर से बीदासर पहुंचकर अपने घर लौटा, तो मुख्य दवराजा खुला पड़ा था। लाइटें जली हुई थी। घर का प्रवेश द्वारा अंदर से बंद था। जिसे कई बार बजाने व आवाजें लगाने पर किसी ने दरवाजा नहीं खोला। परिवादी दीवार चढ़कर घर के आंगन में उतरा तो अंदर उनके सोने के कमरे के ताला लगा हुआ था। बैठक में माँ बाप के खून से लथपथ शव पड़े मिले थे। परिवादी ने बदहवास हालात में कमरे का ताला तोड़कर देखा तो तीनों बेटियों के शव खून से लथपथ पड़े थे और उसके घर व दुकान का सभी कीमती सामान गायब था। अपराधी श्रीभगवान इस मामले में करीब 21 साल सजा काटकर आया था। विदित रहें इस अपराध के लिए सेशन कोर्ट रतनगढ़ व हाईकोर्ट ने उसे फांसी की सजा दी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सजा में बदल दिया था।