






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 सितम्बर 2025। श्रीडूंगरगढ़ उपजिला चिकित्सालय में इन दिनों बधाई के नाम सरेआम रिश्वत लेने, केवल कागजों में ही नसबंदियां कर फर्जी भुगतान उठाने, उठाईगिरों द्वारा आए दिन रोगियों, परिजनों की जेबें काटे जाने के कारण सुर्खियों में है। चिकित्सालय में चल रही व्यापक स्तर की गड़बडियों के उजागर होने से रोकने के लिए गुरूवार सुबह उपजिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा पत्रकारों के लिए तानाशाही फरमान जारी कर दिया गया है। चिकित्सालय प्रशासन ने पत्रकारों, मीडियाकर्मियों के चिकित्सालय में प्रवेश पर रोक लगाने के आदेश जारी किए है एवं आदेशों की पालना नहीं करने पर विभागीय एवं प्रशासनिक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। इस आदेश के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही है एवं चिकित्सालय प्रशासन इस संबध में किसी जवाब देने से बच रहा है। क्षेत्रवासियों में रोष है कि चिकित्सालय में आए दिन सामने आ रहे भ्रष्टाचार के प्रकरणों में दोषियों पर कार्रवाही करने, रोगियों की समस्याओं के समाधान के बजाए इन्हें उजागर करने वाले पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगाने से आमजन में चर्चा है कि कहीं ना कहीं चिकित्सालय प्रशासन इन सब भ्रष्टाचार में अप्रत्यक्ष रूप से अपना सहयोग ही दे रहा है। आप भी देखें आदेश की कॉपी।
आदेश तो जारी पर नहीं ले रहा कोई जिम्मेदारी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। उपजिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी के हस्ताक्षरों से जारी इस आदेश के वायरल होने के बाद चिकित्सालय प्रशासन बैकफुट पर है एवं कोई भी इसकी जिम्मेदारी नहीं ले रहा। चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एसके बिहानी ने इस संबध में बताया कि वे स्वयं के उपचार के लिए अवकाश पर चल रहे है एवं ऐसा कोई प्रकरण उनके ध्यान में नहीं आया हुआ है। वहीं कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ ओमप्रकाश स्वामी ने यह आदेश गुरूवार को चिकित्सालय में जांच पर आए डिप्टी सीएमएचओ डॉ योगेन्द्र तनेजा के निर्देशों पर निकालने की बात कही है। दूसरी और डॉ योगेन्द्र तनेजा ने इस प्रकरण से स्वंय को अलग करते हुए कहा कि ऐसे किसी प्रकार के कोई निर्देश उनके द्वारा नहीं दिए गए है। पूरे प्रकरण के बाद क्षेत्र के आम जनों में भी खासा रोष व्याप्त है एवं सभी श्रीडूंगरगढ़ चिकित्सालय में चल रहे विभिन्न भ्रष्टाचार प्रकरणों की जांच उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग कर रहे है।
यू उलझा मामला।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ चिकित्सालय में भ्रष्टाचार की शिकायतें तो आम है लेकिन इन दिनों चिकित्सालय की अव्यवस्थाओं की परतें इसलिए खुल रही है कि मामला राजनैतिक हलकों में उलझ गया है। विदित रहे कि चिकित्सालय में पहले से तैनात नर्सिंग कार्मिकों के तबादले राजनैतिक सिफारिशों पर होते है एवं राज के चहेते नर्सिंग कार्मिकों को यहां लगा दिया जाता है। इसके बाद यहां से तबादले हुए कार्मिक यहां पहुंच कर चिकित्सालय के दबे हुए राज उजागर करने में अपनी भूमिका निभा रहे है। ऐसे में चिकित्सालय प्रबंधन द्वारा यहां से स्थानांतरित हुए कार्मिकों के यहां आने पर एवं हस्तक्षेप करने पर प्रतिबंध लगाया है। इसी प्रतिबंध के आदेश में साथ में पत्रकारों को भी लपेट लिया गया है एवं इसके बाद जम कर विरोध हो रहा है।





