May 22, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 21 सितंबर 2025। करीब दो माह से बुरी तरह से घायल राज्य पशु ऊंट की दयनीय स्थिति में उसकी सार संभाल करते हुए ऊंट को 12 घंटे की यात्रा कर 550 किलोमीटर दूर बने सिरोही में शेल्टर में शिफ्ट किया गया। क्षेत्र में पर्यावरण व जीव संरक्षण के लिए सक्रिय आपणो गांव सेवा समिति के सेवादारों ने ऊंट का लगातार उपचार किया परंतु आश्रय स्थल नहीं मिलने से उसकी स्थिति बिगड़ती गई। समिति सदस्यों ने बताया कि ऊंट के जख्मी पैर में हजारों कीड़े होने के कारण वह बदबू मारने लगा। ऐसी स्थिति समिति ने पशु चिकित्सालय, उपखंड प्रशासन, जिला कलेक्टर, राजुवास वेटनरी बीकानेर एवं राष्ट्र ऊंट अनुसंधान केंद्र व मुख्यमंत्री कार्यालय तक को अगस्त से संपर्क व जरिये मेल सूचना दी। परन्तु ऊंट के लिए कोई आश्रय स्थल ना मिलने पर सिरोही के पीपल फ़ॉर एनिमल संस्था के संस्थापक चंद्रभान मोटवानी को स्थिति जरिये वीडियो दिखाई गई। मोटवानी ने बिना किसी शर्त तुरंत दाखिले की सहमति दी, इस पर समिति की पिकअप एम्बुलेंस से शनिवार को अध्यक्ष जतनसिंह की अगुवाई में ऊंट को रेस्क्यू किया गया। पशु चिकित्सालय प्रभारी डॉ. दीनू खान से प्राथमिक उपचार व रोड परमिशन बनवाकर समिति दल श्रीडूंगरगढ़ से भारतमाला होते हुए करीब 12 घंटे की ट्रैवलिंग व 550 किमी की यात्रा कर रविवार सुबह सिरोही पहुंचा। यहां PFA के शेल्टर में ऊंट को शिफ्ट किया गया। जिसका वाहन खर्च समिति ने उठाया। वहां की संस्था ने समिति से कोई शुल्क नहीं लिया। अध्यक्ष ने पीपल फ़ॉर एनिमल सिरोही टीम का आभार जताया। उन्होंने बताया कि आश्रय के साथ साथ आज ही घायल ऊंट के पैर का ऑपरेशन कर कीड़े निकाल कर व मरहम पट्टी कर उसे राहत दी गई है। समिति प्रवक्ता राज सुथार ने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ में रेस्क्यू के समय शूरवीर मोदी जतनसिंह, मनोज डागा, इंद्रसिंह नेमाराम, पुरखाराम, कैलाश, हरि, करण, श्याम सैन, दिनेश प्रजापत आदि सेवादारो ने कड़ी मशक्कत के बाद वाहन में शिफ्ट किया व चालक नरपतसिंह व शूरवीर मोदी ने उसे सिरोही शिफ्ट कर आए। समिति सदस्यों ने राज्य पशु होते हुए भी प्रशासनिक मदद नहीं मिल पाने की स्थिति को चिंतनीय बताते हुए निराशाजनक बताया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ से रेस्क्यू कर ऊंट को पहुंचाया सिरोही शेल्टर में।