






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 24 सितंबर 2021। सरकार चाहे आंकड़ों के इंतजार में रहें और बाद में लकीर पीटने का काम करें परन्तु आज ग्रामीण इलाकों में बरसात प्राकृतिक आपदा बन गई है और आज हालात विकट हो गए है। हर घोषणा व बजट में अपने लिए अवसर तलाशने वाले आज जनता के लिए कार्य कर सकें ऐसी दरकार आन पड़ी है। बरसात ने क्षेत्र में बाढ़ के हालात खड़े कर दिए है और नागरिक बेहाल है। बेखबर प्रशासन नींद में है और ग्रामीण इलाकों में जनप्रीतिनिधियों की नींदे उड़ गई है। ग्रामीण प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहें है औऱ प्रशासन संसाधनों का रोना सुना रहा है। श्रीडूंगरगढ़ सहित क्षेत्र के गांव लखासर, उदरासर, जालबसर, सत्तासर, लोढेरा, बेनिसर, सुरजनसर, मोमासर, आडसर, में हालात बेकाबू हो गए है। उदरासर के प्राथमिक विद्यालय जलमग्न हो गया है और सभी दस्तावेज पानी मे तैर रहे है। मकानों के गिरने की सूचनाएं लगातार आ रही है और कई मकानों में दरारें आ गई है। जनता दुख दर्द बांटने का इंतजार कर रही है और सरकारी नुमाइंदे बरसात रुकने का इंतजार कर रहें है। सभी गांवो से संसाधन उपलब्ध करवाने की मांग उठ रही है और पंचायतों के पास बजट नहीं होने से गांव भामाशाहों से कुछ राहत देने के प्रयास किए जा रहें है।
अलर्ट श्रीडूंगरगढ़
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में जमकर बरसात हो रही है और चारों ओर अव्यवस्था का शोर उठ रहा है। सभी क्षेत्र वासियों को अलर्ट किया जाता है कि ग्रामीण रूट की सड़कें टूट गई है और उनमें बड़े खड्डे हो गए है। पानी से ढके होने के कारण नजर नहीं आ रहें है और ऐसे में वाहन फसने के साथ ही दुर्घटना होने की भी आशंका है। सभी नागरिक एक दूसरे को ये अलर्ट करते हुए किसी अनहोनी को होने से रोकने का प्रयास भी करें।






















