






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 25 जुलाई 2023। क्षेत्र में लंबे समय से सबसे बड़ी मांग बन चुके ट्रोमा सेंटर के निर्माण की पिक्चर अब क्लियर हो गई है। यहां पर विधायक गिरधारी महिया की अनुशंषा पर बाहेती परिवार को ही ट्रोमा सेंटर बनाने का मौका मिला है। जयपुर से आए आदेशों के बाद मौके पर जमीनी कार्रवाई शुरू हो गई है। श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स को मिली जानकारी के अनुसार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के जयपुर निदेशालय द्वारा इस संबध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजा गया है एवं 16,100 वर्ग मीटर पर वर्टिकल ट्रिपल स्टोरी बिल्डिंग में ट्रोमा सेंटर एवं उपजिला चिकित्सालय का निर्माण दानदाता बाहेती परिवार द्वारा किया जाना प्रस्तावित मान लिया गया है। इसके बाद चिकित्सा विभाग के अधिशाषी अभियंता द्वारा दानदाता द्वारा अपने स्तर पर कन्संलटेंट से ड्रांईग तकमीना आदि बनवा कर सीएमएचओ कार्यालय में अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करने का पत्र भी जारी कर दिया गया है। इसी पत्र की आगामी कार्रवाई में मंगलवार सुबह नगरपालिका द्वारा ट्रोमा सेंटर के लिए नेशनल हाईवे स्थित आंवटित भूमि पर दानदाता परिवार के हरिकिशन बाहेती, रामकिशन बाहेती, विधायक निजी सचिव संदीप चौधरी व इंजीनियर, आर्किटेक्ट आदि पहुंचे। भूमि का अवलोकन किया गया एवं नक्शा बनाने संबधी कार्य को गति दी गई है। भूमि पर किकर हटाने का कार्य भी किया जा रहा है एवं जल्द ही ट्रोमा सेंटर एवं उपजिला चिकित्सालय की नींव, शिलान्यास कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने की सूचना है।

यह था विवाद, चार महीने लटका, अब हुई ट्रोमा की राह प्रशस्त।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गत बजट सत्र में मुख्यमंत्री द्वारा श्रीडूंगरगढ़ में ट्रोमा सेंटर खोलने एवं उपजिला चिकित्सालय खोलने की घोषणाओं के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने का सपना पूरा होता नजर आने लगा। परंतु पहले तो विभिन्न अलग अलग भूमियों के चिन्हीकरण में फंसा रहा एवं और बाद में बनाने का मौका किसी मिले इसमें देरी हुई। यहां पर पहले तो कस्बे से करीब तीन किमी दूर राजकीय सदुदेवी पारख कन्या महाविद्यालय के पास स्थित भूमि को चिन्हित की गयी। उसके बाद कांग्रेसी नेता मूलाराम भादू द्वारा हाईवे पर प्रशासन द्वारा निर्देशानुसार पांच बीघा भूमि खरीद कर देने का प्रस्ताव आया, इस बीच कटक प्रवासी मोहनलाल सिंघी द्वारा भी हाईवे पर स्थित अपनी भूमि में से तीन बीघा भूमि देने का प्रस्ताव दिया गया व अन्य कई भूमियों के प्रस्ताव भी प्रशासन के सामने आए। लेकिन सर्वाधिक उपयुक्त भूमि हाईवे पर स्थित नगरपालिका की भूमि ही मानी गई एवं कई प्रयासों के बाद पालिका द्वारा 16,100 वर्गमीटर भूमि का आंवटन किया गया। इसके बाद भी ट्रोमा निर्माण का रास्ता सुलझा नहीं व भवन निर्माण का मौका किस दानदाता को मिले यह नया बखेड़ा खड़ा हो गया। यहां पर विधायक गिरधारीलाल महिया की अनुशंषा बाहेती परिवार द्वारा ट्रोमा व उपजिला चिकित्सालय भवन निर्माण की स्वीकृति के लिए की गई तो पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा द्वारा बाहेती परिवार के ही निकटतम रिश्तेदार चांडक परिवार द्वारा भवन निर्माण की अनुशंषा की गई। इस पूरे प्रकरण के दौरान ट्रोमा सेंटर का निर्माण करीब चार महिने तक लटक गया अन्यथा ट्रोमा का निर्माण अभी तक गति पकड़ चुका होता। खैर अब विवाद निपटता नजर आ रहा है क्योंकि चिकित्सा विभाग द्वारा विधायक की अनुशंषा पर बाहेती परिवार के लिए स्वीकृति बन गई है एवं बाहेती व चांडक परिवार में भी निर्माण संबधी आपसी सहमति बनती नजर आ रही है।






