






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 अगस्त 2020। श्रीडूंगरगढ कस्बे में इन दिनों सबसे ज्वलंत समस्या शहर में बीच बाजार लगने वाला जाम है। कस्बे का जिम्मेदार वर्ग भले ही प्रशासन हो या व्यापारी, सामाजिक संगठन जो राजनैतिक संगठन सभी इस समस्या से निजात तो चाहतें है एवं अपने अपने स्तर पर प्रयास भी कर रहें है। लेकिन सामूहिक प्रयासों के अभाव में एक वर्ग के प्रयासों के विरोध में दुसरे वर्ग को खड़ा देखा जा रहा है। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स ने इस मुद्दे को उठाते हुए सभी वर्गों से एकमंच पर एक राय होकर शहर के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की है। आप सभी भी इस यातायात अव्यवस्था को व्यस्था में बदलने के लिए सक्रिय हो एवं अपने सुझाव/हालातों की फोटो श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स के फेसबुक पेज पर या हमारे वाटसएप नम्बरों पर मैसेज करके दे सकते है। श्रेष्ठ सुझावों को श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स प्रशासन एवं शहर के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचाएगा। तो आओ हम सभी करें सामूहिक प्रयास, और अपने शहर के प्रति अपनी साझा जिम्मेदारी निभाएं।
बसें तो नहीं आई लेकिन परेशानी जस की तस।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 अगस्त 2020। कस्बे में यातायात व्यवस्थाएं सुधारने के लिए मंगलवार को पुलिस प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली बसों के नगर प्रवेश पर रोक लगा दी थी। यह रोक बुधवार से प्रभावी हुई एवं बुधवार को ही कस्बे के व्यापारी प्रतिनिधि उपखण्ड अधिकारी के पास पहुंच कर इस रोक का विरोध जता दिया। प्रशासन द्वारा व्यापारियों को आश्वासन भी दिया गया कि व्यवस्थाओं का अवलोकन कर बसों के संचालन का पुर्ननिर्णय किया जाएगा। लेकिन गुरूवार तक यह रोक प्रभावी ही रही एवं ग्रामीण क्षेत्रों की बसों को शहर के मध्य नहीं आने दिया गया। प्रशासन की इस पहल से हालांकि घूमचक्कर रोड पर तो काफी राहत देखने को मिली लेकिन फिर भी बाजार में कई जगहों पर जाम की समस्या जस की तस ही रही है। ऐसे में लोगों का कहना है कि समस्या का समाधान तो हुआ नहीं और उल्टे गांवों से आने वाली सवारियों को बसों से बाजार तक आने जाने के लिए टैक्सियों का अतिरिक्त किराया और देना पड़ रहा है।






