






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 27 जुलाई 2023। क्षेत्र के निवासी व बीकानेर प्रवासी सिराजुद्दीन पंवार ने विदेशी शहर मस्कट में रहने वाली अपनी बेटी हिना के आगामी 29 जुलाई को आने वाले जन्मदिन पर सेवा में सहायता देने का विचार कर रहें थे। तभी बरसात के रूप में कल शहर में मुसीबत की बरसात हुई और बड़ी संख्या में लोगों के मकानों पर संकट खड़ा हो गया। श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स ने सटीक व त्वरित कवरेज की जिसे पढ़ कर सिराजुद्दीन ने मदद का हाथ बढ़ाने का निर्णय लिया। पंवार ने तीन परिवारों के लिए अस्थाई छत बनाने में सहयोग देकर उन्हें खुले में रात बिताने से बचा लिया है। पंवार ने जन्मदिन के नाम पर फिजूलखर्ची करने वाले लोगों के लिए एक मिसाल पेश करते हुए सेवा की प्रेरणा दी है। बता देवें सामाजिक कार्यकर्ता पंवार श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स की खबरें पढ़कर अक्सर जरूरतमंदों को सहयोग देते है। इन परिवारों ने भी हिना के लिए खुशहाली की दुआएं मांगी।
20 दिन की प्रसूता ने गीले में बिताई रात, दी राहत।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मजदूरी करने वाले राजूराम ढोली के किराए के मकान में बुधवार को पानी भर जाने पर उन्हें कहीं से राहत नजर नहीं आई। उन्होंने हाइवे किनारे अस्थाई राहत कैंप बनाया व रात बीताई। नन्हें नन्हें 5 बच्चों के साथ प्रसूता ने रातभर परेशानी झेली। सिराजुद्दीन पंवार ने इन्हें 20 गुना 30 फीट का मजबूत तिरपाल, 20 फीट लंबा लोहे का पाइप व रस्सी दिलवाई। सात सदस्य इस परिवार का अस्थाई आसरा बन रहा है और राजूराम सहित स्वयंसेवक आंनद जोशी ने मदद के लिए पंवार का आभार जताया।
विधवा के साथ तीन दिव्यांग बेटे, बुजुर्ग महिला का बने सहारा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। वार्ड 9 निवासी भंवरीदेवी प्रजापत के मकान में बीती रात पानी भरने और दरारें आ जाने के कारण चार सदस्यीय परिवार ने पड़ौसियों से तिरपाल लेकर उसके नीचे रात बीताई। घर में विधवा भंवरीदेवी व उनके तीन दिव्यांग पुत्र खासे परेशान हुए। एक पुत्र दिव्यांग है, एक आंखो से देख नहीं पाता और तीसरा विमंदित है। ऐसे में विधवा का दुख आंखो से छलक पड़ा और वह मदद की गुहार लगाते नजर आई। सिराजुद्दीन ने इन्हें भी 20 गुना 30 फीट का मजबूत तिरपाल, 20 फीट लंबा लोहे का पाइप व रस्सी दिलवाई। वहीं भंवरीदेवी व पार्षद प्रतिनिधि नानूराम कुचेरिया ने आभार जताते हुए हिना को शुभकामनाएं दी। वहीं इसी वार्ड में एक अन्य बुजुर्ग विधवा कांता देवी प्रजापत के मकान में कमरा धंस गया और पूरे मकान में ऊपर से नीचे तक दरारें आ गई है। पंवार ने इनकी भी मदद करते हुए यही सामान इन्हें भी दिलवाया तो कांता देवी ने भी पंवार का आभार जताते हुए हिना के लिए दुआ मांगी।



