






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 9 मार्च 2025। क्षेत्र के गांव मोमासर में रविवार को कृषि सलाहकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में घटते जलस्तर व अत्यधिक भूमिजल दोहन पर चिंता जताते हुए कृषि विशेषज्ञों ने कीटनाशकों से भूमि को जहरीला बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। केंद्रीय शुष्क अनुसंधान संस्थान बीकानेर के पूर्व एचओडी डॉ एनडी यादव ने फसलों की गुणवत्ता, उत्पादन विपणन व संगठित खेती से होने वाले लाभों के बारे में बताया। डॉ यादव ने बागवानी, फलदार पौधे, ड्रिप सिस्टम अपना कर सब्जियां व फुलों की खेती करने पर जोर दिया। जैविक खेती विशेषज्ञ विकास भूताड़िया ने किसानों को केमीकल युक्त खेती से मुक्त होने का आग्रह करते हुए जैविक खेती को अपना कर हर घर मंडरा रहें कैंसर को कम करने में भागीदार बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जैविक खेती से किसानों को अपनी उपज का चौगुना दाम बाजार में प्राप्त होने के साथ जीवन स्तर में सुधार हो सकेगा। पर्यावरणविद मोहरसिंह यादव ने निकटवर्ती उपखंड नोखा का उदाहरण देते हुए उन्नत किस्त की खेजड़ी, अंजीर, खजूर की खेती पर बल देते हुए इन पर सरकारी अनुदान का लाभ लेने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के सूत्रधार व संचालक अशोक पटावरी ने बैंक, बीमा व अनुदान योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए किसानों को हर कदम सतर्क होने की बात कही। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता विद्याधर शर्मा, उत्तम खटीक, ओम गोदारा, देवीलाल सारण, राकेश संचेती, तारांचद खटीक, हुनताराम गोदारा, पूराराम बिस्सू, तुलछाराम बांगड़वा सहित बड़ी संख्या में किसान व ग्रामीण शामिल हुए।





