






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 अप्रैल 2025। ग्राम पंचायत पुदंलसर को प्रस्तावित रीड़ी पंचायत समिति में शामिल नहीं किए जाने की मांग भी उठने लगी है। पूर्व प्रधान छैलूसिंह शेखावत ने केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को पत्र सौंपकर पुदंलसर को श्रीडूंगरगढ़ में ही रखे जाने की मांग की है। शेखावत ने पूरजोर विरोध दर्ज करवाते हुए बताया कि नए परिसीमन से पूर्व पुदंलसर पंचायत में गांव पुंदलसर, हेमासर व सालासर शामिल थे। अब हेमासर व सालासर को नई ग्राम पंचायत बनाया जाना प्रस्तावित है। पुंदलसर की सालासर फांटा से दूरी 2 किलोमीटर व हेमासर से 5 किलोमीटर है, ऐसे में इसे श्रीडूंगरगढ़ में शामिल किया गया है, जबकि पुंदलसर की सीमा रोही श्रीडूंगरगढ़ से लगती है। पुदंलसर से श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति मुख्यालय से दूरी मात्र 7 किलोमीटर है। जबकि रीड़ी से दूरी करीब 22 किलोमीटर है ऐसे में पुंदलसर को रीड़ी में शामिल किया जाना पूर्णतया तथ्यात्मक व भौगोलिक दृष्टि से गलत और अव्यावहारिक है। शेखावत ने सांसद से पुदंलसर को श्रीडूंगरगढ़ में ही करवाए जाने की मांग की है।
सासंद व विधायक को सौंपा पत्र, जताया विरोध।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ग्राम पंचायत पुदंलसर के प्रशासक किसनाराम ने केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम व विधायक ताराचंद सारस्वत को पत्र सौंपते हुए इन तथ्यों की जानकारी दी। किसनाराम ने विधायक को बताया कि ग्रामीण रीड़ी में शामिल किए जाने का विरोध कर रहें है। उन्होंने कहा कि शासन प्रशासन जनहित में फैसला लेते हुए ग्राम पंचायत पुदंलसर को श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति में ही मिलाए जाने की मांग की है। इस संबंध में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एक हस्ताक्षरित पत्र भी सांसद को सौंपा है जिसमें इस प्रस्ताव को अविवेकशील बताते हुए इसके खिलाफ आक्रोश जताया गया है।




