






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 जनवरी 2023, सर्दियों में आम तौर पर नाक बहना, जुकाम-खांसी और छींक की समस्या क्यों होती है, क्या आपने ध्यान दिया है. इस समय में वायरस ज्यादा एक्टिव होते हैं. इस समय में उत्तरी भारत में तापमान में अचानक गिरावट और शीतलहर के साथ सामान्य सर्दी और खांसी तेजी से देखी जा रही है. हाल के एक अध्ययन से पता चला है कि ठंड का मौसम आमतौर पर ठंड और फ्लू की वजह होती है. मौसम में क्यों बदलाव आता है और इस बदलाव में हमारी नाक सबसे बड़ी भूमिका निभाती है और इसका दोष हम अपनी नाक को देते हैं.
वैज्ञानिकों ने नाक के बारे में किया खुलासा
बॉस्टन के नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी, मैसाचुसेट्स आई एंड ईयर के वैज्ञानिकों की टीम, जिन्होंने द जर्नल ऑफ एलर्जी एंड क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी में अध्ययन प्रकाशित किया, ने बताया कि हमने नाक की भूमिका की जांच की और यह देखा कि यह शरीर का अहम हिस्सा है जो बाहरी दुनिया के साथ शरीर से पहला संपर्क साधता है, जिसके जरिए हम सांस लेते और छोड़ते हैं.
आखिर क्यों बहती है आपकी नाक
अध्ययन, जो 2018 में शुरू हुआ था उसमें वैज्ञानिकों ने देखा कि हमारी नाक वायरस और बैक्टीरिया को उनके ट्रैक में रोकने के लिए सुरक्षा से लैस करता है. शोधकर्ताओं ने पाया कि जब नाक बैक्टीरिया का पता लगाती है, तो हमारा शरीर उस पर हमला करने और उसे बेअसर करने के लिए बने छोटे तरल पदार्थ का झुंड छोड़ने लगता है, जो नाक से पानी के रूप में निकलने लगता है.
आपके शरीर का अहम हिस्सा होती है आपकी नाक
मैसाचुसेट्स आई एंड ईयर में ओटोलरींगोलोजी ट्रांसलेशनल रिसर्च के निदेशक डॉ. बेंजामिन ब्लेयर ने कहा, “यह उसी तरह से है जब आप हॉर्नेट के घोंसले को लात मारते हैं, तो हॉर्नेट बाहर निकल आते हैं और घोंसले पर हमला करने से पहले जो भी हमलावर होता है उसे मारने की कोशिश करते हैं, हमारा शरीर भी ठीक इसी तरह काम करता है.”
नए अध्ययन से पता चलता है कि नाक किसी भी श्वसन वायरस पर हमला करने के लिए सबसे पहले बचाव करती है, जिसमें दो राइनोवायरस शामिल हैं, एक जो सामान्य सर्दी का कारण बनता है और दूसरा वो जो कोरोनावायरस (वह नहीं जो COVID-19 का कारण बनता है).
ठंड और वायरस के अटैक से बचाती है आपकी नाक
शोधकर्ताओं ने स्वस्थ मानव के नाक के तापमान को लगभग 74 डिग्री फ़ारेनहाइट बनाम लगभग 40 डिग्री फ़ारेनहाइट पर मापा. उन्होंने पाया कि ठंडी परिस्थितियों में नाक के भीतर का तापमान लगभग 9 डिग्री फ़ारेनहाइट खुद ब खुद कम हो जाता है.
प्रयोगशाला में, जब नाक की कोशिका के नमूनों को तापमान में समान कमी के संपर्क में लाया गया था, यह देखने के लिए कि ठंडी जलवायु में नाक के भीतर वास्तव में क्या होता है. तो यह पाया गया कि कम तापमान पर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया काफी कम हो गई थी. इसका मतलब है कि नाक का रक्षा तंत्र कम तापमान पर ठंडा हो जाता है, और यही कारण है कि सर्दी में सामान्य तौर पर जुकाम और नाक बहने लगती है. नाक के “शरीर का शक्तिशाली एंटीवायरल प्रतिरक्षा रक्षा कार्य हमारी नाक करती है जो ठंड के जोखिम से बिगड़े हुए श्वसन तंत्र को ठीक करने की कोशिश करती है.”
स्टडी रिपोर्ट में कही गई है ये खास बात
आपकी नाक और उसे लेकर अध्ययन जारी है, शोधकर्ताओं ने कहा कि इससे नए चिकित्सीय रिजल्ट सामने आ सकते हैं, अध्ययन के सह-लेखक मंसूर अमीजी, पूर्वोत्तर में फार्मास्युटिकल विज्ञान विभाग के अध्यक्ष रह चुके हैं उन्होंने कहा कि अगर वैज्ञानिक ठंड के तापमान में नाक की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को मजबूत करने का तरीका खोज सकते हैं, तो वे सर्दियों में अधिक वायरल बीमारियों को रोकने के तरीके खोज सकते हैं.



