






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 19 अक्टूबर 2020। क्षेत्र में पांच दिन से कोरोना जांच नहीं हो रही है और नागरिक जिन्हें जांच की आवश्यकता हो वे बीकानेर जा कर जांच करवाने को मजबूर है। कस्बे के कालूबास निवासी एक 67 वर्षीय बुजुर्ग को सांस लेने में तकलीफ के चलते इमरजेंसी में आज बीकानेर ले जाया गया है। इन बुजुर्ग के परिजन श्रीडूंगरगढ़ चिकित्सालय में गुरूवार से चक्कर काट रहें है उनकी कोरोना जांच करवाने हेतु परन्तु यहां जांच नहीं हो सकी। आज इन बुजुर्ग को अधिक तबियत बिगड़ने पर परिजन पीबीएम ले गए है वहीं अगर यहां जांच हो जाती तो उनका उचित ईलाज प्रारंभ कर दिया जाता जिससे परिजनों को भी राहत मिलती। कस्बे के नागरिक सवाल ये उठा रहें है कि आखिर श्रीडूंगरगढ में सैपंल बंद क्यों कर दिए गए हैं.? आखिर जनता को किसके भरोसे छोड़ दिया गया है.? यहां भी सवाल ये है कि जो सक्षम नहीं है और बीकानेर नहीं जा सकते वे लोग क्या बिना जांच के ही अपनी जान गंवाएंगे। नागरिकों का कहना है कि जब चिकित्सा विभाग सुध नहीं ले रहा है तो जनप्रतिनिधि व चौथे स्तम्भ से ही उन्हें आस है वे जनता की आवाज उठाऐं व प्रशासन को सही रास्ता दिखाए। क्षेत्र के इन शर्मनाक हालातों पर चर्चा चल पड़ी है व कई संगठनों में आक्रोश के स्वर सुनाई दे रहें है। आड़सर बास में भी जांच के इंतजार में एक महिला को शनिवार को बीकानेर ले जाया गया है। ऐसे कस्बे सहित क्षेत्र में जाने कितने नागरिक है जो इसका सामना कर रहें है। आज कोरोना से एक व्यापारी की जान जाने के बाद कस्बे के लोगों में इस महामारी को लेकर भय भी देखा जा रहा है।



