






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 मई 2022। श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका विवादों का गढ़ है और अब पालिका को अपने ही कर्मचारियों के जबरदस्त रोष का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने पेन डाउन हड़ताल की घोषणा कर दी है। ये कर्मचारी गुरूवार को जिलाकलेक्टर के सामने पेश हुए व उनसे ईओ भवानी शंकर व्यास द्वारा किए जा रहें दुर्व्यवहार के लिए शिकायत की। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनके साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। जनता व जनप्रतिनिधियों के सामने जबरन जलील करके नीचे दिखाया जा रहा है। कर्मचारियों ने व्यास पर बिना अधिकार ईओ पद पर अतिक्रमण कर प्रताड़ना देने की शिकायत भी की है। कर्मचारियों ने बताया कि वे बुरी तरह से मानसिक रूप से परेशान हो रहें है। उन्होंने आरोप लगाया है कि श्रीडूंगरगढ़ पालिका में निजी स्वार्थ के लिए कार्य हो रहें है और राजकीय नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। यहां मनमर्जी के नियम बना कर पोपाबाई का राज चला रखा है और राजकीय नियमों को ताक पर रख दिया गया है। कर्मचारियों ने पत्र में लिखा कि जानबूझकर पत्राविलयां हमारे स्तर पर लंबित बताने का प्रयास कर रहें है और कार्मिकों से जबरदस्ती मनचाही रिपोर्ट करवाने के लिए दबाव बना रहें है। कर्मचारियों ने एकजुट होकर ईओ के स्टे ऑडर की जांच करने की मांग भी जिलाकलेक्टर से की है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि स्टे ऑर्डर नियमों के विरूद्ध है जिसमें हाई के आर्डर की धज्जियां उड़ाई गई है।कर्मचारियों ने विधायक गिरधारीलाल महिया सहित प्रमुख शासन सचिव वित्त विभाग, स्वायत्त शासन, कोष व लेखा निदेशक सहित अनेक अधिकारियों को पत्र भेजकर न्याय की मांग की है।
“मेरी मूल पोस्ट कनिष्ठ लेखाकार पद है जिसकी पोस्टिंग वित्त विभाग द्वारा नगरपालिका श्रीडूंगरगढ़ में वित्त संबंधी सभी कार्य संपादित करने के लिए की गई है। मेरे द्वारा अध्यक्ष मानमल शर्मा को पत्र लिखकर आहरण वितरण अधिकार (चेक संबंधी अधिकार) के संबंध में दस्तावेज मांगे जाने पर उन्होंने पद का दुरूपयोग करते हुए सरकारी नियमों तथा वित्त विभाग के नियमों को ताक पर रखा और अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर मुझे पद कार्य से हटाया है जो की नियम विरूद्ध है। और अब यहां जो गड़बड़झाले है उसे लेकर आर पार की जंग लड़ी जाएगी- कनिष्ठ लेखाकार रविशंकर जोगी।
पढ़े विवाद की फसाद बना आदेश।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पालिका में 10 मई को आदेश पारित कर कनिष्ठ लेखाकार को पद से हटाया गया। कई कर्मचारियों को उनके कार्य से हटाने के बारे में ये कर्मचारी एकजुट हो गए है। यहां पांच मंत्रालीय एलडीसी है जिनमें से एक को अकाउंटेट का चार्ज दे दिया गया है। विद्रोही कर्मचारियों का आरोप है पूरे प्रकरण में अध्यक्ष की मौन स्वीकृति है और वे नियमों के विरूद्ध जाकर कार्य कर रहें है। लेखाकार रविशंकर जोगी को आदेशों की प्रतिक्षा में रखने के आदेश जारी किए। जो बवाल का कारण बन गए है। क्योंकि वित्त विभाग से पदस्थापित लेखाकार को हटाना नियमों के विरूद्ध है। कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर को बताया कि पालिका में ईओ के खिलाफ सर्वसम्मति से निदां प्रस्ताव भी पारित किया गया था।




