






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 30 अक्टूबर 2023। विधानसभा चुनाव- 2023 का मतदान 25 नवम्बर को होना है एवं मतदान के लिए आज से 23 दिन शेष है। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स द्वारा प्रतिदिन विशेष कवरेज “सत्ता का संग्राम” टाइम्स के सभी पाठकों के लिए चुनाव की काऊंडाउन के साथ लगातार प्रस्तुत की जा रही है। प्रतिदिन शाम को एक अंदरखाने की खबर के साथ क्षेत्र की चुनावी चर्चा पाठकों के समक्ष रखी जा रही है और इसी क्रम में पढ़ें आज की टिप्पणी।
कहीं पर निगाहें, कहीं पर निशाना, गाडियां बनी बहाना।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में इन दिनों कहीं पर निगाहें, कहीं पर निशाना देखा जा रहा है एवं इसके लिए गाडियां बहाना बन गई है। चुनाव में गाडियां बुक करना भी अपने पक्ष में माहौल बनाने का तगड़ा माध्यम नजर आ रहा है। सभी प्रत्याशी इस संबध में अपने अपने पक्ष में पूरी ताकत से प्रयास करने में लगे है। लेकिन यहां भाजपा प्रत्याशी के सर्मथन में इन दिनों अर्द्धशतक से ज्यादा संख्या में घूम रही हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तरप्रदेश, गुजरात नम्बरों की गाडियां खासी चर्चा में है। उड़ती उड़ती खबर यह सुनी जा रही है कि ये गाड़ियां प्रमुख कार्यकर्ताओं को प्रचार में घूमने के लिए दी जाएगी। कहने को तो ये गाड़ियां आपसी सम्पर्क वालों की बताई जा रही है लेकिन दबी जुबान कह रही है कि करीब 25 दिनों तक की लगातार दिहाड़ी के लगने कारण बुकिंग की गाडियां महंगी पड़ रही थी तो इन्हें स्थाई रूप से ले लिया गया है। दूसरी ओर नामाकंन, बड़ी रैली एवं मतदान के दौरान वोकल फॉर लोकल भी कर लिया जाएगा। अब इस बात में सच कितना यह तो पता कौन लगाए लेकिन बातें फैलाई जा रही है कि बड़े व्यापारी है, नफा नुकसान तो देखेगें ही। अब गाडियों के बहाने से बातें फैलाने वालों की निगाहें कहीं पर है और निशाना कहीं है। वहीं दूसरी ओर चर्चा यह भी है कि भाजपा प्रत्याशी के सामने ताल ठोकने वाले उनके स्वजातीय समाजसेवी ने भी गाडियों का अर्धशतक तो लगाया है और स्थानीय गाडियां की बुकिंग पर लेने के कारण उनका माहौल पहले दिन से ही गर्मा गया है। अब कस्बे के टैक्सी स्टैण्ड़ पर तो उनकी सकारात्मक चर्चाएं जोर खा ही रही है।
तूफान से पहले तक शांति, टूटेगी भ्रांति, अंदरूनी दावों की चर्चा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। भाजपा की टिकट घोषणा को करीब 20 दिन निकल गए है एवं क्षेत्र के बाजारों में भाजपा खेमें में शांत माहौल की चर्चा आम है। लेकिन अंदरूनी सूत्र बता रहें है कि इस बार चुनाव की कमान नमस्कार वालों ने संभाल रखी है। संगठनात्मक रूप से अत्यधिक अनुभवी, विश्व के सबसे बड़े संगठन से जुड़े इन सलाहकारों के निर्देशों पर इस बार जोर दिखाने के बजाए पहले अंदर ही अंदर व्यक्तिगत सम्पर्क बनाने पर ही पूरा ध्यान दिया गया है। ऐसे में भाजपा खेमे के सिपहसालारों ने अपने खेमें की शांति को तुफान से पहले की शांति बताई है एवं गुरूवार को नामांकन के दौरान सारी भ्रांतियां तोड़ने के दावे किए जा रहे है। इन दावों में कितना दम है यह तो नामांकन के दौरान ही पता चल सकेगा।
तारीख पर तारीख, एंग्री मैन वाली फिलिंग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। किसी समय की हिट हिंदी फिल्म दामिनी में अभिनेता सन्नी देओल का यह डायलोग की तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख, आखिर कब तक तारीख… भारतीय समाज में खासा हिट हुआ था और सन्नी देओल की एंग्रीनेस भी लोगों ने खासी पंसद आई थी। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में भी इन दिनों कांग्रेस की टिकट पर चल रही खींचतान के बाद दावेदारों के सर्मथकों की हालत ऐसे ही एंग्रीमैन की हो गई है। बार-बार लिस्ट आने पर वक्त पर वक्त दिए जाने से ये सर्मथक खासे परेशान हो गए है। ना केवल यही बल्कि रालोपा के कार्यकर्ता भी खासे एंग्री हो गए है। पहले से ही एंग्री यंगमैनों की पार्टी के रूप में पहचान बना लेने वाली यह पार्टी भी तेल देख रही है तेल की धार देख रही है। उम्मीद है कि राष्ट्रीय पार्टियों के बड़े दावेदाराें को टिकट नहीं मिला तो कोलायत, जोधपुर शहर, परबतसर, दूदू, निवाई, पुष्कर, मसूदा, देवली-उनियारा की आदि जगहों की तरह यहां भी दूसरी पार्टियों के दिग्गज रालोपा को ज्वाईन कर टिकट ले आएं। ऐसे में कांग्रेस के साथ साथ आरएलपी के कार्यकर्ता भी एक ही अरदास कर रहे है कि हे कांग्रेस! टिकिट की पिक्चर अब क्लियर कर दो।




