May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 नवबंर 2025। दीपावली के मौके पर श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र ही नहीं बीकानेर शहर सहित गांव-गांव और कालूबास व आड़सर बास की गली-गली में सरस का नकली घी मिल रहा था। पिछले दो साल से नकली घी की जड़े गहरी और मजबूत हो गई है। गत दिनों गांव ऊपनी में 5500 रूपए प्रति पीपा सरस घी की सप्लाई हुई तो शिकायत उरमूल अधिकारियों को की गई। इसके बाद डेयरी अलर्ट हुई और गुरूवार को उरमूल डेयरी व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई की गई। इस कार्रवाही के तहत गुरूवार को श्रीडूंगरगढ़ में अमीर पट्टी स्थित एक दुकान पर स्टिंग ऑपरेशन किया गया। प्रशासन ने बोगस ग्राहक भेज कर घी लिया और जांच में घी के टिन पर लिखे बैच् नंबर, निर्माण तिथि और अंतिम उपयोग तिथि पैकिंग के गत्ते से मेल नहीं खा रहें थे। इतना ही नहीं, टिनों पर अलग अलग जिलों की सरस डेयरी की मार्किंग पाई गई, जिससे मिलावट का संदेह गहरा गया। ब्रदीलाल श्यामसुदंर राठी फर्म के मालिक से पूछताछ में संदेह गहरा गया। फिलहाल सैंपल लैब जांच के लिए भेजे गए है।
गहरी और लंबी है जड़े।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। हालांकि नकली घी के फल फुल रहें कारोबार से अनभिज्ञ अधिकारी व डेयरी प्रबंधन था, इसमें संदेह ही है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरस डेयरी के स्वंय के प्लांट में ही करीब दो माह से सरस घी की शॉर्टेज थी, ऐसे में कालूबास की गली गली में सरस के नकली घी पहुंचने की खबरें सभी डेयरी संचालकों के पास थी। श्रीडूंगरगढ़ ही नहीं बीकानेर में भी ये कारोबार खूब फल फुल रहा है। घी कहां बन रहा है और बाजार में इतनी तादात से कहां कहां से आ रहा है इसकी जांच भी जरूरी है। फिलहाल एक मामला सामने आया है परंतु इसे भी अंजाम तक पहुंचाना अभी दूर की कौड़ी ही है। सरस के नकली घी के व्यापार से जो असली घी बेच रहें है, वे भी परेशान हुए है। बाजार में असली की कीमत नहीं मिलने से उन्हें बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
नकली घी स्वास्थय के लिए बड़ा खतरा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सरस घी की रेट डेयरी द्वारा 9750 रूपए प्रति टीन तय की गई है, परंतु बाजार में जब ये 5000 से 6000 रूपए प्रति टीन मिल रहा है तो जानकारों का कहना है कि संभव ही नहीं ये गाय के दूध से बनाया हुआ घी हो। ये निश्चित ही मिलावट व नकली घी होगा। स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ डॉ राजीव सोनी ने बताया श्वसन तंत्र से लेकर स्कीन रोगों तक नकली घी बढ़ावा दे सकता है, ये बेहद खतरनाक है। इससे कैंसर, ह्रदय रोग, पाचन संबंधी रोग, लिवर व किडनी तक पर बुरा प्रभाव हो सकता है। ऐसे में आमजन को स्वास्थ्य के प्रति सजग होने की जरूरत है।