






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 मई 2025। रसोई में भोजन पकाते हुए एक दंपती गैस सिलेंडर से लगी आग का शिकार हो गए। दोनों के कपड़ों ने आग पकड़ ली और गंभीर रूप से झुलस गए जिससे उन्हें बीकानेर रेफर कर दिया है। क्षेत्र के गांव देराजसर में 68 वर्षीय प्रभुराम पुत्र रामचंद्र भादू व उनकी पत्नी लिछमा देवी दोपहर करीब 2 बजे रसोई में भोजन पका रहें थे। गैस चूल्हे पर सब्जी व चूल्हे पर रोटी पकाते हुए दंपती रसोई में ही थे। दोनों घर में अकेले ही रहते है। तभी गैस सिलेंडर के रेग्यूलेटर से गैस लिकेज हुई और गैस ने आग पकड़ ली। आग की चपेट में दंपती आ गए व उनके कपड़े जलने लगे। आवाजें सुनकर आस पास के ग्रामीण एकत्र हो गए और देराजसर पेट्रोल पंप से अग्निशमन यंत्र लाकर आग बुझाई गई। दोनों को देराजसर से बीकानेर ट्रोमा सेंटर रेफर कर दिया गया है। सेरूणा थाना पुलिस के एएसआई पूर्णमल, कांस्टेबल सुरेंद्र व ड्राइवर पवन शर्मा मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का जायजा लिया।


गैस सिलेंडर के बारे में जरूर बरतें एहतिहात।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गैस सिलेंडर लगभग हर भारतीय घर में पाया जा सकता है और इसके बिना दैनिक जीवन की कल्पना करना असंभव है। इसके व्यापक उपयोग को देखते हुए, यह जरूरी है कि हम किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कुछ सुरक्षा युक्तियों को अपनाया जावें।
उपयोग से पहले और उपयोग के बाद:
- सुनिश्चित करें कि सिलेंडर वाल्व के अंदर रबर ‘O’ रिंग बरकरार है।
- रिसाव का पता लगाने के लिए कभी भी जलती हुई माचिस या मोमबत्ती का उपयोग न करें।
- सिलेंडर को हमेशा हवादार स्थान पर सीधी स्थिति में रखें।
- एलपीजी सिलेंडर को कभी भी अपने कैबिनेट में न रखें।
- एलपीजी स्टोव को हमेशा रसोई के स्लैब पर सिलेंडर के ऊपर लगाना चाहिए।
- जहां तक संभव हो, सिलेंडर को अन्य ऊष्मा स्रोतों जैसे इंडक्शन कुकर, जलता हुआ लैंप आदि से दूर रखना चाहिए।
- खाना पकाने के बाद रेगुलेटर नॉब को ‘ऑफ’ स्थिति में कर दें।
- यदि आपके पास खाली सिलेंडर हैं, तो कृपया उन्हें ठंडी और हवादार जगह पर रखें। सुनिश्चित करें कि सुरक्षा कैप सही जगह पर है।
- एलपीजी सिलेंडर बदलते समय आंच बंद करना न भूलें।
- आदर्श रूप से, आपको रबर ट्यूब को छह महीने में एक बार बदलना चाहिए।
रिसाव की स्थिति में:
- घबराएं नहीं और अपना मन शांत रखें।
- यदि आपको लगता है कि रसोईघर में कोई रिसाव है तो वहां किसी भी विद्युत उपकरण को चालू या बंद न करें।
- सभी लपटें, लाइटें, अगरबत्ती आदि बुझा दें।
- उपकरण बंद करें और एलपीजी रेगुलेटर बंद करें।
- रेगुलेटर बंद करने के तुरंत बाद सिलेंडर पर सेफ्टी कैप लगा दें।
- हवा आने-जाने के लिए सभी खिड़कियाँ और दरवाज़े खुले रखें। लेकिन इस उद्देश्य के लिए बिजली के पंखे या एग्जॉस्ट पंखे न चलाएँ।
- जल्द से जल्द अपने डीलर से संपर्क करें।




