






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 मई 2025। वक्फ बोर्ड में किए गए संशोधनों को लेकर विपक्षी पार्टियों द्वारा आमजन में भ्रांतियां फैलाई जा रही है एवं भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता को इस संबध में पार्टी द्वारा चलाए जा रहे जनजागरण अभियान में सक्रियता के साथ अपनी भूमिका निभानी चाहिए एवं विपक्षी दलों के इस देशविरोधी कार्य का मुंहतोड़ जवाब देना चाहीए। यह आह्वान सीकर के पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने शुक्रवार को भाजपा कार्यालय में आयोजित वक्फ सुधार जनजागरण संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता के रूप में किया। पूर्व सांसद ने वक्फ संपतियों को सार्वजनिक धरोहर बताते हुए उनके सही उपयोग समाज के उत्थान एवं जरूरतमंदों की सेवा में करने का संशोधन किए जाने की बात कही। इससे पहले विधायक ताराचंद सारस्वत ने साफा पहना कर उनका श्रीडूंगरगढ़ पहुंचने पर स्वागत किया। इस मौके पर सारस्वत ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सुधारों के बाद अब वक्फ बोर्ड द्वारा निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अपनी संपत्तियों का प्रबंधन किए जा सकने की बात कही। संगोष्ठी में विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार एवं ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष विनोद गिरी गुंसाई ने भी कार्यकर्ताओं से पार्टी अभियानों में सक्रियता से भागीदारी निभाने की अपील की। अभियान के जिला संयोजक कुंभाराम सिद्ध ने अभियान के बारे में जानकारी देते हुए वक्फ बोर्ड सुधारों से गरीब मुसलमानों एवं महिलाओं के अधिकारों की रक्षा हो सकने की बात कही। संगोष्ठी में पूराराम ढाका, देहात मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर, शहर मंडल अध्यक्ष राधेश्याम दर्जी, मोमासर मंडल अध्यक्ष नरेश मोट, उस्मान अली खन्ना, रोशन छींपा, मुमताज राईन, समसूदीन काजी, आसिफ, रफीक काजी, महबूब तंवर, जाकिर चुनगर, पार्षद जगदीश गुर्जर, रामसिंह राजपुरोहित, भरत सुथार, पवन उपाध्याय, विक्रम सिंह, सरपंच प्रतिनिधि भंवर सिंह, गिरधारी सिंह राजपुरोहित, ओमप्रकाश नाई, राजू सिंह राजपुरोहित, उत्तम नाथ सिद्ध, पूर्ण स्वामी, ओमप्रकाश स्वामी, मूलनाथ सिद्ध, मूलचंद इंदौरिया, भवानीप्रकाश तावनियां, आईदान पारीक, जितेंद्र सैनी, गोविंद तिवाड़ी, के.के. जांगिड़, पवन मोट, मनीष गिरी, दलीप पंचारिया, रामूराम जाखड़, महेंद्र सिंह, नौरंगनाथ सिद्ध, हरिशंकर पुरोहित बिग्गा, ओमप्रकाश बारोठिया, आदुराम मेहरा, महेंद्र सिंह राजपूत, अमीर खान, अर्जुन शर्मा, मामराज गोदारा, गोपी मेघवाल, हंसराज नैण आदि उपस्थित रहे एवं संचालन हेमनाथ जाखड़ ने किया।









