May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 24 सितंबर 2020। प्रकृति से हमें कई तरह की औषधियां मिलती हैं, यानी ऐसे पेड़-पौधे, जिनका प्रयोग शरीर को निरोग रखने के लिए किया जाता है. ये औषधियां आपके जीवन का एक अहम हिस्सा जरूर होनी चाहिए. इनके सेवन या इस्तेमाल से आप कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बच सकते हैं.

आज जानिए चमत्कारी संजीवनी गिलोय के बारे में, जो रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ ही शरीर के प्लेटलेट्स की कमी को दूर करती है. वहीं बुखार के लिए भी गिलोय बेहद गुणकारी और रामबाण औषधि है.

गिलोय की पहचान
प्रकृति ने मनुष्यों के लिए मुफ्त में आजीवन निरोगी रखने का इंतजाम किया है. जरूरत है तो बस उन औषधियों को पहचानने की, जो आयुर्वेदाचार्य हजारों सालों से लोगों को देते आए हैं. पहले के जमाने में इंसान सौ साल तक आसानी से जीवित रहते थे, क्योंकि वे वनस्पतियों और भारत के प्राचीन ज्ञान-विज्ञान पर भरोसा करते थे.

इसलिए हम भी गिलोय की पहचान के बारे में आपको बताते हैं ताकि आप के घर के आस-पास मुफ्त में मौजूद इस औषधि को आप पहचानें और किसी जानकार से पुष्टि करने के बाद इसका सेवन कर सकें. गिलोय की पत्तियां पान के पत्ते की तरह होती हैं.

गिलोय के चमत्कारी गुण
इस रामबाण औषधि की पत्तियों में कैल्शि‍यम, प्रोटीन, फॉस्फोरस पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं. इसके अलावा इसके तनों में स्टार्च की भी अच्छी मात्रा होती है. ये एक बेहतरीन पावर ड्रिंक है, गिलोय इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के साथ-साथ कई खतरनाक बीमारियों से भी सुरक्षा करता है.s