






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 26 अक्टूबर 2025। क्षेत्र में गिरदावरी में गड़बड़ी से वंचित रहें किसानों को ऑफलाइन गिरदावरी की अनुमति मिलनी चाहिए। गिरदावरी का पोर्टल लॉक हो गया है और अब किसान राज से राहत की यही मांग कर रहें है। वंचित किसानों को किसी तरह राहत मिल सके तो ही कुछ बात बने। जानकारों का कहना है कि ऑफलाइन गिरदावरी पर वंचित मूंगफली तोली जाए। ऐसे में इसकी कवायद जनप्रतिनिधियों को करनी चाहिए, जिससे राजफैड ये स्वीकृति देकर किसानों को राहत दे। जानकारों का कहना है कि जैसलसर, मणकरासर व पूनरासर में अनेक स्थानों पर खसरा नबंर रिकॉर्ड में मौका नक्शा व मौका अक्शा समान नहीं है, वहीं कहीं नेटवर्क के कारण खसरा खुलता ही नहीं है, ऐसे में कहीं कहीं गड़बड़ी इसी तकनीकी कारण से हुई है। वहीं बता देवें करीब एक दशक पहले पूरा रिकॉर्ड सही तरमीम के साथ अपडेट करने के लिए प्रशासनिक स्वीकृति भी दी गई परंतु वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने से कार्य अटक गया। जो आज करीब एक दशक बाद भी अटका हुआ है। जानकारों का कहना है कि जो जहां बैठा है वहीं उसका खसरा स्थापित किया जाए और इसके लिए सरकार को रिकॉर्ड सही करवाना होगा।
किसानों ने की जिला कलेक्टर की मांग, माचरा ने मंत्री से की वार्ता।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। माणकरासर रोही के किसान मानाराम जाट, शेराराम जाट, रामेश्वरलाल जाट, राजूराम मेघवाल, रामप्रताप जाट, बीरबल मेघवाल, पद्माराम जाट, तारूराम जाट, केशराराम जाट, मनोहरी मेघवाल, धनाराम मेघवाल सहित अनेक किसानों ने गलत गिरदावरी की शिकायत जिला कलेक्टर से की है। इन किसानों ने जांच की मांग करते हुए दुबारा गिरदावरी करवाने की मांग की है। युवा नेता डॉ विवेक माचरा ने सहकारिता मंत्री गौतम दक से वार्ता कर मूंगफली ख़रीद केंद्रों की क्षमता और केंद्रों की संख्या बढ़ाने की माँग करते हुए वंचित किसानों की गिरदावरी करवाए जाने की मांग की। माचरा ने कहा कि एशिया के सबसे बड़े मूंगफली उत्पादक क्षेत्र में किसानों को समर्थन मूल्य खरीद के लिए आवश्यकतानुसार टोकन जारी नहीं होने का आक्रोश क्षेत्र में बढ़ रहा है। माचरा ने सरकार से गिरदावरी से वंचित किसानों की गिरदावरी करने और भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों को निलंबित कर सजा देने की मांग की है।
ऑफलाइन गिरदावरी की अनुमति की मांग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। वंचित किसानों को राहत देने के लिए ऑफलाइन गिरदावरी पर मूंगफली खरीद हो तो राहत मिल सकेगी। विदित रहें पोर्टल लॉक होने के बाद गिरदावरी दुबारा किए जाने की संभावना कम ही है। ऐसे में ऑफलाइन गिरदावरी की अनुमति की मांग भी उठ रही है।
बढें जागरूकता, किसान स्वयं करें गिरदावरी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। किसान गिरदावरी ऑनलाइन राज किसान गिरदावरी एप के माध्यम से स्वयं कर सकते है। किसानों को एप की जानकारी सभी शिविरों में देते हुए एप भी डाउनलोड करवाया गया है। परंतु उसके बावजूद किसान स्वयं जागरूक होकर गिरदावरी करने में रूचि नहीं लेते। गिरदावरी को लेकर हो रही समस्याओं के चलते जानकारों का कहना है कि किसानों को जागरूक होकर गिरदावरी स्वयं करनी चाहिए।
गिरदावरी अपडेट करने में श्रीडूंगरगढ़ जिले में नबंर वन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। राजस्थान की (डीसीएस) गिरदावरी डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत राज किसान एप के माध्यम से गिरदावरी करने में श्रीडूंगरगढ़ 2025 में एक नबंर पर है। जिले में श्रीडूंगरगढ़ में डीसीएस 39725 गिरदावरी की गई है, ये 85.20% के साथ प्रथम स्थान पर है। वहीं कोलायत दूसरे व हदा, लूणकरणसर, नोखा, जसरासर, बीकानेर, छतरगढ़, बज्जू, पूगल खाजूवाला का क्रमश: नबंर प्राप्त हुआ है।





