






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 सितंबर 2022। लंपी बीमारी से बड़ी संख्या में काल का ग्रास बने गौवंश का विनाश देखकर विधायक गिरधारीलाल महिया आज बैनर पहन कर विधानसभा पहुंचे। महिया ने पूरे पश्चिमी राजस्थान में लंपी का कहर होने की बात कहते हुए केन्द्र व राज्य सरकार से लंपी को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर पशुपालकों की मदद करने की मांग की है। विधायक ने प्रदेशभर में लंपी बीमारी के रोकथाम को लेकर केन्द्र व राज्य सरकार को पूर्णतया विफल बताया और श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र सहित बीकानरे जिले में पशुओं के लिए वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, मृत पशुओं को आबादी क्षेत्र से दूर निस्तारण करने के कड़े प्रबंधन करने एवं श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों में रिक्त पड़े पदों को सीधी भर्ती से भरने की माँग की। महिया ने सरकारों पर गायों के हालत पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लंपी बीमारी से हालात विकट होते जा रहे हैं। किंतु सरकारी आंकड़ों में हकीकत को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीकानेर जिले में लंबी बीमारी से मृत गोवंश को दफनाने के लिए गांव में खाली जगह नहीं मिल रही है और मृत गोवंश को खुले में फेंका जा रहा है। मृत पशुओं की दुर्गंध से आमजन का जीना बेहाल हो गया है और संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है। महिया ने कहा कि दुधारू पशुओं की मृत्यु से पशुपालकों के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया और इस विकट घड़ी में सरकार को मृत पशुओं का धरातल पर सर्वे कराकर पशुपालकों को उचित मुआवजा देना चाहिए और पशुपालन को राहत प्रदान करने के लिए लोन व सब्सिडी का भी लाभ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मृत पशुओं को दफनाने के लिए प्रशासन के पास पर्याप्त संसाधन भी नहीं है और ग्रामीण अपने स्तर पर मृत पशुओं का निपटान कर एक कड़ी परीक्षा से गुजर रहे है।





