






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 27 जनवरी 2021। इस कड़कड़ाती ठंड में हमारे जिले में तीन नगरपालिकाओं के बोर्ड बनाने के लिए गुरुवार को मतदान होना है और इससे राजनीतिक पार्टियों की चुनावी गर्माहट मतदाताओं तक पहुंच रही है। दिग्गजों ने सकारात्मक परिणामों के लिए कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए है और सभी वार्डों के प्रत्याशियों ने सभी गिले शिकवे मिटा कर मत हासिल करने की कोशिशें तेज कर दी है। सभी वार्डों में प्रत्याशी किसी से भी मतभेद हो आज खत्म कर केवल विजय होने पर आमादा है। ये प्रत्याशी पुरानी बातें भूलाने व आगे से साथ निभाने के वादे करते नजर आ रहें है। तीनों जगहों पर पार्टियों के दिग्गज स्वयं भी मतदाताओं से सीधा संपर्क कर रहें है और एक एक वोट जोड़ने की बात कह रहें है। आप भी जानें तीनों नगरपालिकाओं से ग्राउंड रिपोर्ट। नोखा नगरपालिका में कन्हैयालाल झंवर विकास मंच से पालिका अध्यक्ष के दावेदार रूप में डटे है। झंवर पिछले बीस वर्षों से नोखा पालिका पर काबिज है। इस बार भापजा यहां उन्हें कड़ी चुनौती दे रही है। भाजपा विधायक बिहारी लाल बिश्नोई यहां दम लगाकर अपना बोर्ड बनाने की कोशिश में जुटे हैं। बता देवें नोखा में कांग्रेस ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है और विकास मंच को समर्थन दिया है तो कांग्रेसी नेता रामेश्वर डूडी प्रचार प्रसार के फ्रेम मे कहीं नजर नहीं आए। देशनोक नगरपालिका में भाजपा व कांग्रेस में सीधी टक्कर है और यहां जिले के दिग्गज नेता चुनाव प्रचार में नजर आएं। कांग्रेस से उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी और भाजपा से केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल यहां काफी सक्रिय रहें है। पिछले चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले देवीसिंह भाटी इस बार के चुनाव से ही दूर हैं तो अर्जुनराम मेघवाल व विधायक भंवर सिंह भाटी दोनों यहां अपना प्रभाव जमाने का प्रयास कर रहें है। नोखा और देशनोक में जहां पार्टियों के जिले से मंत्री नजर आ रहें है वहीं श्रीडूंगरगढ़ में यहां के दिग्गज ही चुनाव कमान संभाले हुए है। यहां गिरधारी महिया ने अपने प्रत्याशी खड़ें किए है वहीं कहीं वे निर्दलयों का समर्थन कर रहें है।भाजपा के पूर्व विधायक किसनाराम नाई भी श्रीडूंगरगढ़ विकास मंच के संयोजक के रूप में चुनाव मैदान में प्रचार प्रसार में जुटें है। भाजपा के देहात अध्यक्ष ताराचंद सारस्वत अपने गृह क्षेत्र में अपना प्रभूत्व बढ़ाने के लिए पूरजोर प्रयासरत है और कांग्रेस की बागडोर मंगलाराम गोदारा के हाथों में है और वे श्रीडूंगरगढ़ शहर में स्वयं को स्थापित करने का पूरजोर प्रयास कर रहें है।



