May 21, 2026
आने वाला सप्ताह कैसा रहेगा ? जानें राजगुरु रामदेव उपाध्याय के साथ।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 26 जून 2022। नूतन सप्ताह विक्रम संवत् 2079, आषाढ़ कृष्णा 13/14, वार – रविवार , दिनांक – 26-06- 2022 से आरंभ होकर आषाढ़ शुक्ला 3/4, शनिवार , दिनांक- 02-07- 2022 तक रहेगा । आइए जानते हैं मेष आदी 12 राशियों के लिए यह सप्ताह कैसा रहेगा ?

पाठकों के संशय की निवृत्ति हेतु विशेष-
जातक अपनी जन्म राशि से राशिफल देखें या प्रचलित नाम से राशिफल देखें ?
विवाह में, सभी संस्कारों में, यात्रा में ,ग्रहगोचर विचार में, जन्म राशि से विचार करना चाहिए नाम राशि से नहीं।
गृह कार्य में, ग्राम वास विचार में, मंत्र ग्रहण करने में, युद्ध के विचार में ,नौकर रखने में, नौकरी करने में नाम राशि से विचार किया जाता है जन्म राशि से नहीं।
यथोक्तं –
विवाहे सर्वसंस्कारे यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशि प्रधानत्वं नामराशिं न चिंतयेत् ।। गृहे ग्रामे तथा मन्त्रे युद्धे वा स्वामिसेवके । नामराशि प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिंतयेत् ।।

1.मेष
चू-चे-चो-ला, ली-लू-ले-लो-अ ( अश्विनी १-४, भरणी १-४, कृत्तिका-१)
मेष राशि के जातकों को सप्ताह के सप्ताह आरंभ में किसी आर्थिक नुकसान या फिजूल खर्च जैसे आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है किंतु मंगलवार से गुरुवार तक आर्थिक लाभ की संभावनाएं भी प्रतीत हो रही है। गुरुवार रात्रि से शनिवार तक के मध्यकाल में पेट दर्द या गैस संबंधित विकार उत्पन्न होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है अतः आहार ग्रहण करते समय विशेष सावधानी बरतें। शनिवार को शत्रुओं से विशेष सावधान रहें अन्यथा वे आपको किसी भी प्रकार से नुकसान पहुंचा सकते हैं इस दौरान कलह होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है अतः अपनी वाणी पर संयम रखें।
विशेष- रविवार एवं सोमवार को लाल गाय को गुड़ या गेहूं से बनी मिठाई खिलाएं और शनिवार को अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें।

2. वृषभ
ई-उ-ए ,ओ-वा-वी-वू , वे-वो (कृत्तिका २-४, रोहिणी १-४, मृगशिरा-१-२)
वृषभ राशि के जातकों के लिए सप्ताह की शुरुआत मध्यम रहने के आसार प्रतीत हो रहे हैं। किंतु मंगलवार से गुरुवार तक के मध्यकाल में किसी आर्थिक नुकसान होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है अतः इस दौरान रकम लेनदेन करते समय या व्यापार करते समय विशेष सावधानियां रखें। हालांकि शुक्रवार एवं शनिवार को आर्थिक लाभ के भी योग का भी निर्माण हो रहा है।
निवारण – मंगलवार को तांबे के बर्तन में रखा हुआ जलपान करें। बुधवार एवं गुरुवार को अपनी माता जी के चरणस्पर्श करके ही दिन की शुरुआत करें।

3. मिथुन
का-की,कु-घ-ड़-छ,के,को,ह (मृगशिरा-३-४, आर्द्रा १-४, पुनर्वसु १-३)
मिथुन राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह कष्टप्रद रहने के ही आसार प्रतीत हो रहे हैं। मिथुन राशि के जातकों को सप्ताह के आरंभकाल में किसी अप्रिय समाचार के मिलने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। सप्ताह का मध्यकाल मध्यम ही रहने के आसार के साथ ही सप्ताह के गुरुवार से शनिवार तक के मध्य आर्थिक नुकसान का कुयोग भी प्रतीत हो रहा है। अतः इस दौरान रकम लेनदेन करते समय या व्यापार करते समय विशेष सावधान रहें।
विशेष- सोमवार को भगवान शिव को जल अर्पण करें। मंगलवार को लाल गाय को गुड़ खिलाएं। शुक्रवार को अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें ।

4.कर्क
ही,हू-हे-हो-डा, डी-डू-डे-डो (पुनर्वसु-१,पुष्य-१-४,आश्लेषा १-४)
कर्क राशि के जातकों के लिए सप्ताह के आरंभ मे लाभप्रद योग का निर्माण तो हो रहा है किंतु मंगलवार से गुरुवार तक का मध्यकाल कष्टप्रद ही रहने के आसार प्रतीत हो रहा है। इस दौरान कोई अप्रिय समाचार मिलने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है ।शुक्रवार एवं शनिवार मध्यम ही रहने के आसार प्रतीत हो रहे हैं।
निवारण- १. सम्पूर्ण सप्ताह अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें। २.संभवतः ताम्बे के पात्र में रखा हुआ जल पिएं। प्रतिदिन केशर एवं चंदन का तिलक लगाएं।
३.बुधवार को लाल धागे में 5 दुर्वा को लपेटकर गणपति को अर्पण करें।

5. सिंह
मा-मी-मू-मे, मो-टा-टी-टू- टे (मघा-१-४, पूर्वाफाल्गुनी-१-४, उत्तराफाल्गुनी-१)
सिंह राशि के जातकों के लिए सप्ताह की शुरुआत सुखद एवं लाभप्रद रहने के आसार प्रतीत हो रहे हैं किंतु सप्ताह के गुरुवार रात्रि से शनिवार तक का समय कष्टप्रद रहने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। इस दौरान शारीरिक कष्ट उत्पन्न होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

निवारण- गुरुवार को पिले वस्त्र धारण करें। शुक्रवार को सुबह सफेद गाय को गेहूं के आटे से बनी रोटी खिलाएं। शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।

6.कन्या
टो-प-(प्र )-पी,पू- ष-ण-ठ,पे-पो (उफा.-२-४, हस्त- १-४,चित्रा-१-२)
कन्या राशि के जातकों के लिए सप्ताह आरंभ कष्टप्रद रहने की संभावनाएं प्रतीत हो रही है इस दौरान कृपया शत्रुओं से विशेष सावधान रहें। शत्रु आपको आर्थिक एवं शारीरिक कष्ट पहुंचा सकते हैं। किंतु मंगलवार से शनिवार तक का समय सुखद एवं लाभप्रद रहने के भी आसार प्रतीत हो रहे हैं।

निवारण- रविवार को अनुलोम- विलोम प्राणायाम के साथ नए सप्ताह की शुरुआत करें एवं सोमवार को “ओउम् नमः शिवाय” मंत्र से भगवान शिव को जल अर्पण करें।

7.तुला
रा-री,रू-रे-रो-ता,ती-तू-ते
(चित्रा-३-४, स्वाति-१-४, विशाखा-१-३)
तुला राशि के जातकों को सप्ताह के आरंभ में शारीरिक कष्ट उत्पन्न होने की संभावनाओं के साथ ही इस सप्ताह कलह की भी संभावनाएं बन रही है अतः इस सप्ताह वाद-विवाद से यथासंभव बचने का प्रयास करें। इस सप्ताह शत्रु आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं अतः शत्रुओं से विशेष सावधान रहें। मंगलवार से गुरुवार तक कोई राजकीय बाधाएं उत्पन्न होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है अतः सावधान रहें। हालांकि गुरुवार सायंकाल से शनिवार तक का समय सुखद रहने के भी आसार प्रतीत हो रहे हैं।
निवारण – सोमवार को अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें, मंगलवार को हनुमानजी की उपासना करें एवं सप्ताह के सातों दिन केशर एवं चंदन का तिलक लगाएं।

8. वृश्चिक
तो,ना-नी-नू-ने,नो-या -यी-यू
(विशाखा-१, अनुराधा-१-४, ज्येष्ठा-१-४)
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सप्ताह आरंभ आर्थिक दृष्टिकोण से लाभप्रद रहने के आसार प्रतीत हो रहे हैं। किंतु मंगलवार से गुरुवार तक के मध्य काल में किसी शारीरिक कष्ट उत्पन्न होने की संभावनाओं से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। गुरुवार से शनिवार तक के मध्य काल में किसी राजकीय बाधाएं उत्पन्न होने की भी संभावनाएं प्रतीत हो रही है। इस दौरान शत्रु आपको किसी भी प्रकार से नुकसान पहुंचा सकते हैं अतः शत्रुओं से विशेष सावधान रहें।

निवारण-१. मंगलवार से शनिवार तक नियमित अपनी माता जी के चरणस्पर्श करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। तांबे के बर्तन में रखा हुआ जलपान करें।
२.बुधवार को ५ दुर्वा को लाल धागे में लपेटकर गणपति बप्पा को चढ़ाएं।
३.शुक्रवार को भोजन में सफेद रंग का आहार ग्रहण करें।
४.शनिवार को पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं एवं दीपक जलाएं।

9.धनु
ये- यो- भ-भी,भू- ध- फ -ढ-,भे
(मूल-१-४,पूर्वाषाढ़ा-१-४,उत्तराषाढ़ा-१)
धनु राशि के जातकों के लिए सप्ताह आरंभ से गुरुवार सांयकाल तक का समय आर्थिक दृष्टिकोण से लाभप्रद रहने के आसार प्रतीत हो रहे हैं किंतु गुरुवार रात्रि से शनिवार तक के मध्य काल में कोई शारीरिक कष्ट उत्पन्न होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। इस दौरान शत्रुओं से भी विशेष सावधान रहें अन्यथा वे आपको किसी भी प्रकार से नुकसान पहुंचा सकते हैं।
विशेष- यथासंभव नित्य हनुमानचालीसा का पाठ करें।
10. मकर
भो-जा-जी, खी-खू-खे-खो, ग-गी
उत्तराषाढा २-४,श्रवण- १-४, धनिष्ठा-१-२)
मकर राशि के जातक यदि इस सप्ताह की शुरुआत में कोई विशेष कार्य करने जा रहे हैं तो कृपया उसे सोमवार तक के लिए टालने का प्रयास करें अन्यथा आपके द्वारा निर्मित योजनाएं विफल हो सकती है। हालांकि मंगलवार से शनिवार तक का समय लाभप्रद रहने के भी पूर्ण आसार प्रतीत हो रहे हैं।
निवारण- यथासंभव सप्ताह के सातों दिन नित्य गौसेवा के साथ अपने दिन की शुरुआत करें ।

11. कुंभ
गू-गे,गो-सा-सी-सू, से- सो-द
(धनिष्ठा-३-४, शतभिषा-१-४,पू.भा.-१-३,)
कुंभ राशि के जातकों के लिए सप्ताह आरंभ पेट दर्द या गैस संबंधित विकार उत्पन्न होने की संभावनाएं प्रतीत हो रही है कृपया आहार ग्रहण करते समय विशेष सावधानी रखें। यदि इस सप्ताह आप कोई विशेष कार्य करने जा रहे हैं तो कृपया उसे गुरुवार तक के लिए टालने का प्रयास करें अन्यथा आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। हालांकि गुरुवार से शनिवार तक का समय लाभप्रद भी रहने के आसार प्रतीत हो रहे हैं।
निवारण- सोमवार को भगवान शिव को” ओउम् नमः शिवाय” मंत्र से गाय का कच्चा दुध एवं बिल्वपत्र अर्पण करें।

12. मीन
दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची (पूभा.-१, उ.भा.-४, रेवती- ४)
मीन राशि के जातकों के लिए सप्ताह आरंभ आर्थिक दृष्टिकोण से लाभप्रद रहने के आसार प्रतीत हो रहे हैं। किंतु मंगलवार से शनिवार तक का समय कष्टप्रद ही रहने के आसार हैं। इस दौरान आपको पेट दर्द या गैस संबंधित उदर-विकार उत्पन्न होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है अतः आहार ग्रहण करते समय विशेष ध्यान रखें। इस दौरान यदि आप कोई विशेष कार्य करने जा रहे हैं तो कृपया उसे शनिवार तक टालने का प्रयास करें अन्यथा आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। कृपया शत्रुओं से विशेष सावधान रहें अन्यथा वे आपको किसी भी प्रकार से नुकसान पहुंचा सकते हैं।

विशेष- इस सप्ताह नित्य हनुमानचालीसा या संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ करें।

राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय (शास्त्री-आचार्य, ज्योतिष विद्)
9829660721