May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 9 अप्रैल 2026। आमजन में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए सरकारों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। फिर भी ऑनलाइन फ्रॉड बढ़ ही रहें है। कभी अनजान लोगों द्वारा ये अपराध किया जा रहा है वहीं कभी जानकार ही फायदा उठाकर शिकार बना देते है।
क्षेत्र में एक मामला सामने आया है, जिसमें भुआ के बेटे ने अपने मामा के लड़के का मोबाइल चोरी कर लिया। उसके बैंक खाते से 1,04,910 रूपए निकाल लिए। पीड़ित अर्जुन सुथार ने 10 अक्टूबर को सेरूणा थाने में मोबाइल चोरी होने व उसके फोन-पे से पहले छोटी रकम और बाद में दो बार में 50-50 हजार रूपए ट्रांसफर होने के आरोप में मामला दर्ज करवाया गया। मामले की जांच कर रहें एएसआई सुरेश कुमार गुर्जर ने बताया कि मामले में 5 अप्रैल को देवीलाल सुथार निवासी देराजसर को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को कोर्ट से दो दिन की रिमांड पर लिया गया। गुर्जर ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी व परिवादी 6 माह पहले मुंबई में एकसाथ काम करते थे। उसी दौरान आरोपी को परिवादी के फोन पे के पासवर्ड की जानकारी मिल गई थी। परिवादी को उस पर भरोसा भी था। उसने फोन चोरी कर आसानी से पासवर्ड की सहायता से रूपए ट्रांसफर कर लिए। आरोपी को बुधवार को कोर्ट ने जमानत दी। इस प्रकरण में कांस्टेबल अशोक ने उल्लेखनीय कार्य किया। उसने कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी को अंजाम तक पहुंचाया।
आसान पासवर्ड, नहीं बदले कई महीनों से।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। अजुर्न के मोबाइल में पासवर्ड आसान थे और उसने कई महीनों से पासवर्ड नहीं बदले। ऐसे मे आरोपी को उनकी पहले से जानकारी थी और वह आसानी से शिकार बन गया। साइबर एक्सपर्ट गोविंद सारस्वत ने बताया कि मनी ट्रांसफर के एप के पासवर्ड कुछ समय बाद बदल देने चाहिए। जिससे उसकी सुरक्षा बनी रहें। इस मामले में परिवादी के फोन नंबर ही उसके पासवर्ड थे, जिससे आरोपी को आसानी हुई। ऐसे में अपने नबंर ही पासवर्ड रखना सबसे आसान तरीका है फ्रॉड का, जन्मदिनांक या नबंर पासवर्ड में नहीं रखना चाहिए। पासवर्ड सदैव असामान्य संख्या का या यूनिक होना चाहिए जिससे सुरक्षा सुनिश्चित रह सकें। सारस्वत ने कहा कि मोबाइल हमेशा लॉक रखें और इसके लिए मजबूत PIN या फिंगरप्रिंट का उपयोग करें। UPI ऐप सुरक्षित रखें जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm में App Lock जरूर लगाएं। मोबाइल चोरी हो जाने पर तुरंत SIM कार्ड बंद करवाएं और बैंक को सूचना देकर UPI ब्लॉक कराएं। नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाएं। इसी के साथ OTP किसी के साथ शेयर ना करें और नोटिफिकेशन में OTP दिखना बंद करें। फोन में Find My Device का ऑप्शन चालू रखें, इससे मोबाइल को ट्रैक और लॉक किया जा सकता है। UPI की लिमिट कम रखें, जैसे दैनिक ट्रांजेक्शन लिमिट कम रखें ताकि नुकसान सीमित रहें।