May 22, 2026
IMG-20240303-WA0056

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 3 मार्च 2024। क्षेत्र के गांव सावंतसर में आयोजित सप्त दिवसीय जाम्भाणी हरि कथा आज संपन्न हुई। गुरू जम्भेश्वर मंदिर में सामूहिक हवन एवं पाहल कार्यक्रम का आयोजन किया हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हवन में आहुतियां दी। कथा वाचक गोरधनराम शास्त्री ने प्रवचन में मनुष्य के जीवन में विवेक और वैराग्य के आवश्यक रूप से होने की बात कही। शास्त्री ने कहा कि ये दो गुण मनुष्य में नहीं तो मनुष्य में कुछ भी नहीं है। शास्त्री ने मोह से निवृत्ति का उपाय सत्संग और हरि कथा को बताया। उन्होंने कहा कि मोह की निवृत्ति के बिना राम के चरणों से प्रेम नहीं होता और बिना सत्संग विवेक नहीं होता है। मोक्ष प्राप्ति का सबसे सहज साधन सत्संग है। तपस्या और त्याग से भी भगवान इतने प्रसन्न नहीं होते जितना सत्संग से होते हैं। प्रगाढ़ प्रेम के साथ किया जाने वाला सत्संग ईश्वर को प्राप्त करना सबसे सरल मार्ग है। उन्होंने कहा कि जीवन में सुख-शांति, समृद्धि सत्संग से संभव है वहीं जीवन के तमाम अनुत्तरित प्रश्नों के उत्तर भी हमें सत्संग के माध्यम से मिल जाते हैं। शास्त्री ने विश्नोई समाज में मान्य 4 संस्कारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान बड़ी संख्या में विश्नोई समाज के युवा सक्रिय रहें व अपनी सेवाएं दी।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सांवतसर में जाम्भाणी का सप्त दिवसीय आयोजन संपन्न हुआ।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। हवन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दी आहुतियां।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कथा वाचक ने सत्संग व भक्ति से भगवान की प्राप्ति का सरल मार्ग बताया।