May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 अक्टूबर 2022। WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर साल 2 लाख से अधिक लोग मलेरिया की बीमारी के कारण अपनी जान गंवा देते हैं. आपको बता दें आमतौर पर मलेरिया मच्छरों के काटने से फैलता है. मलेरिया की बीमारी बारिश के मौसम में काफी हद तक बढ़ जाती है. मलेरिया होने पर शरीर में दर्द और बुखार रहता है. मलेरिया की बीमारी किसी भी उम्र के इंसान को हो सकती है.

दरअसल, अनोफलीज नामक संक्रमित मादा मच्छर के काटने से शरीर में मलेरिया का वायरस फैल जाता है. इस मच्छर में एक खास प्रकार का जीवाणु पाया जाता है, जिसे मेडिकल भाषा में प्लाज्मोडियम कहते हैं. जिसके काटने से व्यक्ति को बॉडी में दर्द और तेज बुखार होता है. आज हम जानेंगे मलेरिया के कितने प्रकार होते हैं और क्या लक्षण होते हैं.

मलेरिया के प्रकार 
1. प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम
इस प्रकार के मलेरिया के होने पर मरीज बेहोश हो जाता है. व्यक्ति को सिर दर्द के साथ ठंड भी लगती है. साथ ही लगातार उल्टियां शुरू हो जाती हैं. बुखार आने की भी संभावना होती है.

2. प्लास्मोडियम मलेरिया 
यह मलेरिया प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम की तुलना अधिक खतरनाक नहीं होता है. इसमें मरीज को हर तीसरे- चौथे दिन बुखार रहता है. मरीज की यूरिन से प्रोटीन निकलने लगता है. जिससे शरीर में प्रोटीन की कमी होने लगती है और शरीर कमजोर होने लगता है.

3. प्लास्मोडियम विवैक्स
अगर किसी व्यक्ति को मलेरिया हुआ है तो रोगियों में यह प्रकार पाया जाता है. इसमें रोगी को कमर दर्द, हाथ दर्द, पैर दर्द, तेज बुखार, भूख न लगने आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है. मरीज को उठने-चलने में काफी तकलीफ होती है.

4. प्लास्मोडियम ओवले के कारण शरीर में टरसियन मलेरिया होता है.

5. प्लास्मोडियम नोलेसी से पीड़ित व्यक्ती को ठंड लगने के साथ तेज बुखार आने लगता है. इसमें सिर दर्द, भूख न लगना जैसी समस्याएं भी झेलनी पड़ती हैं. मलेरिया की बीमारी में आंखें लाल होने लगती हैं. इसके साथ ही आंखों में जलन भी महसूस होती है. यह लक्षण लगातार नजर आये तो डॉक्टर से तुरंत सम्पर्क करें.