






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 अक्टूबर 2025।🚩श्री गणेशाय नम:🚩शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 23-Oct-2025
☀ Sri Dungargarh, India
🔅 तिथि द्वितीया 10:47 PM
🔅 नक्षत्र विशाखा 04:51 AM
🔅 करण बालव, कौलव 09:32 AM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग आयुष्मान 04:59 AM
🔅 वार गुरूवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:38 AM
🔅 चन्द्रोदय 08:09 AM
🔅 चन्द्र राशि तुला 10:05 PM
🔅 चन्द्र वास पश्चिम
🔅 सूर्यास्त 05:57 PM
🔅 चन्द्रास्त 06:48 PM
🔅 ऋतु शरद
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1947 विश्वावसु
🔅 काली सम्वत 5126
🔅 दिन काल 11:18:38
🔅 विक्रम सम्वत 2082
🔅 मास अमांत कार्तिक
🔅 मास पूर्णिमांत कार्तिक
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत 11:55 AM 12:40 PM
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 10:25 AM 11:10 AM
🔅 कंटक 02:56 PM 03:41 PM
🔅 यमघण्ट 07:24 AM 08:09 AM
🔅 राहु काल 01:43 PM 03:07 PM
🔅 कुलिक 10:25 AM 11:10 AM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 04:27 PM 05:12 PM
🔅 यमगण्ड 06:38 AM 08:03 AM
🔅 गुलिक काल 09:28 AM 10:53 AM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल दक्षिण
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर
📜 चोघडिया 📜
🔅 शुभ 06:39 AM – 08:04 AM
🔅 रोग 08:04 AM – 09:28 AM
🔅 उद्वेग 09:28 AM – 10:53 AM
🔅 चल 10:53 AM – 12:18 PM
🔅 लाभ 12:18 PM – 01:43 PM
🔅 अमृत 01:43 PM – 03:07 PM
🔅 काल 03:07 PM – 04:32 PM
🔅 शुभ 04:32 PM – 05:57 PM
🔅 अमृत 05:57 PM – 07:32 PM
🔅 चल 07:32 PM – 09:07 PM
🔅 रोग 09:07 PM – 10:43 PM
🔅 काल 10:43 PM – 00:18 AM
🔅 लाभ 00:18 AM – 01:53 AM
🔅 उद्वेग 01:53 AM – 03:28 AM
🔅 शुभ 03:28 AM – 05:04 AM
🔅 अमृत 05:04 AM – 06:39 AM
📜 लग्न तालिका 📜
🔅 तुला चर
शुरू: 06:16 AM समाप्त: 08:35 AM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 08:35 AM समाप्त: 10:54 AM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 10:54 AM समाप्त: 12:58 PM
🔅 मकर चर
शुरू: 12:58 PM समाप्त: 02:41 PM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 02:41 PM समाप्त: 04:09 PM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 04:09 PM समाप्त: 05:35 PM
🔅 मेष चर
शुरू: 05:35 PM समाप्त: 07:11 PM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 07:11 PM समाप्त: 09:07 PM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 09:07 PM समाप्त: 11:22 PM
🔅 कर्क चर
शुरू: 11:22 PM समाप्त: 01:43 AM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 01:43 AM समाप्त: 04:00 AM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 04:00 AM समाप्त: 06:16 AM
भाई दूज:- कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितिया तिथि पर भैया दूज की पूजा की जाती है। इस साल भैया दूज के दिन शुभ योगों का संयोग बन रहा है। 23 अक्टूबर को रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि के संयोग में सभी बहनें पूजन के उपरांत भाई को तिलक करेंगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाई दूज के दिन जो भाई अपनी बहन के घर जाकर तिलक करवाता है, वह यमलोक के डर से मुक्त रहता है और दीर्घायु को प्राप्त करता है। बहनों को यह व्रत करने से सौभाग्य और समृद्धि प्राप्त होती है।
भैया दूज पर पूजा का मुहूर्त – भाई दूज का पूजन मुहूर्त प्रात: 5:05 से 8:55 बजे तक रहेगा, जबकि तिलक मुहूर्त दिन में 9:12 से 1:26 बजे तक, पुन: 3 बजे से 5 बजे तक रहेगा। इस शुभ बेला में बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करेंगी।
🌺।। आज का दिन मंगलमय हो ।।🌺
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
गुरुवार को चने की दाल भिगोकर उसके एक हिस्से को आटे की लोई में हल्दी के साथ रखकर गाय को खिलाएं, दूसरे हिस्से में शहद डालकर उसका सेवन करें।
यदि गुरुवार को स्त्रियां हल्दी वाला उबटन शरीर में लगाएं तो उनके दांपत्य जीवन में प्यार बढ़ता है।
और कुंवारी लड़कियां / लड़के यह करें तो उन्हें योग्य, मनचाहा जीवन साथी मिलता है।
गुरुवार को विष्णु जी की उपासना अवश्य करनी चाहिए, गुरुवार को विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ अत्यन्त फलदाई है।
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री



