






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 8 अप्रैल 2022। क्षेत्र के गांव कोटासर में माना सती मंदिर में आज नवरात्रि के सातम शुक्रवार को माता की विशेष पूजा अर्चना की गई। यहां कांगला जोशी परिवार से बड़ी संख्या में नागरिक सती दादी के दरबार में माथा टेकने पहुचें है और मन्नतें मांगी। यहां पुजारी मदनलाल जोशी ने बताया कि नवरात्रि सातम को माना सती का विशेष पूजन होता है और आसोज नवरात्रि में यहां विशाल मेला भरता है जिसमें कांगला जोशी परिवारों के वशंज प्रदेश भर से तथा उपाध्याय परिवार के लोग बड़ी संख्या में श्रद्धालु धोक लगाने आते है। आज यहां बृजाराम जोशी, धूड़ाराम जोशी, धर्मचंद जोशी, भंवरलाल जोशी, महावीर प्रसाद जोशी, रामावतार जोशी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने धोक लगाई।
1552 में हुई थी सती।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। 85 वर्षीय बुजुर्ग धूड़ाराम जोशी ने बताया कि सती दादी माना देवी उपाध्याय वंश की पुत्री तथा जोशी वंश की बहू थी। उनके पति संवत 1552 में सेना में शहीद हुए व माना देवी ने चिता का वरण किया। उन्होंने बताया कि कोटासर से 100 से अधिक जोशी परिवार दुलचासर, गंगाशहर, रावला, सूरतगढ़, अरण्यावली, सिरसा हरियाणा, सहित अनेक स्थानों पर बस गए है परन्तु वे सभी आज भी आसोज मेले में सती दादी के धोक लगाने पहुंचते है। जोशी वंशजो ने यहां कई निर्माण कार्य करवाए है तथा मंदिर की सार संभाल में भी सहयोग देते है।





