May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 फरवरी 2024। न्याय की उम्मीद में एक पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और जरिए इस्तगासा धारा 156 के तहत थाने मे एक मामला दर्ज हुआ है। क्षेत्र के गांव लिखमीसर दिखणादा निवासी नौरंगदास पुत्र हरजीदास स्वामी ने सरकारी अस्पताल के डॉक्टर डीके पुरोहित सहित एफआरएचएस टीम बीकानेर के खिलाफ आरोप लगाए है। परिवादी ने बताया कि उसकी पत्नी 26 वर्षीय भगवती देवी का 29 दिसबंर 2023 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीडूंगरगढ़ में डॉक्टर डीके पुरोहित (सर्जन) व एफआरएचएस टीम बीकानेर द्वारा नसबंदी का ऑपरेशन किया गया। भगवतीदेवी को एक पुत्र व एक पुत्री संतान है जिसमें अंतिम प्रसव करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हुआ था। उसकी पत्नी शारीरिक रूप से पूर्णतया स्वस्थ थी और नसबंदी ऑपरेशन से पूर्व टीम ने जांच रिपोर्ट में उसे ऑपरेशन के लिए पूरी तरह फिट होने पाए जाने पर ऑपरेशन कर दिया। टीम ने उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। चार दिन बाद अचानक भगवती की तबीयत ज्यादा खराब हो गई तो परिवादी उसे लेकर सीएचसी श्रीडूंगरगढ़ पहुंचा। पीड़ित ने आरोप लगाया कि यहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति गंभीर बताते हुए भर्ती लेने से मना करते हुए बीकानेर ले जाने की बात कही। मरीज को 2 जनवरी को डॉक्टर मनोज कुमार दिखाया व जांचे करवा कर जीवनरक्षा अस्पताल में भर्ती करवाया। सीईसीटी सहित अनेक जांचे हुई जिसमें पाया गया की नसबंदी ऑपरेशन के दौरान टीम द्वारा की गई लापरवाही में भगवती की पेट की बड़ी आंत कट गई जिससे उसके शरीर में अत्यधिक संक्रमण फैल गया है। परिवादी ने बताया कि आंत कटने को नजरअंदाज कर टीम ने उसी समय ईलाज नहीं कर घोर लापरवाही बरती। 13 जनवरी तक जीवनरक्षा अस्पताल में ईलाज के दौरान टीम सदस्य कई बार उससे मिले व ईलाज का खर्च उठाने की बात कहते हुए कानूनी कार्रवाई नहीं करने की बात कही। आरोपियों ने उसकी कोई मदद नहीं की और भगवती के हालात नहीं सुधरे। पीड़ित ने मरीज को 14 जनवरी को फोर्टीज अस्पताल जयपुर में भर्ती करवाया गया। 21 जनवरी को उसे एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां डॉक्टरों ने बताया कि संक्रमण के कारण प्लेटलेटस बहुत ज्यादा कम होने से भगवती देवी की वैन डैथ हो चुकी है। 22 जनवरी को भगवती की मौत हो गई। परिवादी ने बताया कि डॉक्टर व टीम ने ऑपरेशन के दौरान उपेक्षा पूर्ण रवैया अपनाकर उसकी पत्नी का जीवन निगल लिया और पीड़ित करीब 20 लाख रूपए लगाकर भी अपनी पत्नी को नहीं बचा पाया। परिवादी ने डॉक्टर व टीम को मौत का जिम्मेदार बताते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।