






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 फरवरी 2024। वीर बिग्गाजी की धड़ देवली मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव उत्साह व उल्लास पूर्वक धर्ममय माहौल में पूर्ण हुआ। छुटपुट घटनाओं को छोड़ दिया जाए तो मेला शांतिपूर्ण रहा। श्रीवीर बिग्गाजी मानव सेवा समिति के अध्यक्ष कृष्ण कुमार जाखड़ ने देश भर से महोत्सव में भाग लेने आने वाले श्रद्धालुओं का आभार जताया। वहीं व्यवस्थाओं में जुटे प्रति व्यक्ति सेवादार का आभार जताया। संपूर्ण मेले में जल व्यवस्था गांव सातलेरा के संपूर्ण ग्रामीणों द्वारा की गई। मेले प्रांगण में चाय कॉफी की व्यवस्था बिग्गाबास रामसरा के ग्रामीणों ने की वहीं मेले प्रांगण में जल व्यवस्था बिग्गा गांव के ग्रामीणों ने की। गांव रीड़ी के सरपंच प्रतिनिधि हेतराम जाखड़ की अगुवाई में युवा टोली ने अपनी सेवाएं दी। एक एक श्रद्धालु को ग्रामीणों ने मनुहार के साथ पानी, चाय कॉफी, भोजन की नि:शुल्क सेवाएं दी। बता देवें महोत्सव के अंतिम तीन दिन आपणों गांव श्रीडूंगरगढ़ सेवा समिति की इको एम्बुलेंस भी 24 घण्टे मंदिर प्रागंण में मौजूद रही।
यात्री तक पहुंचाया कीमती सामान का बैग, रमेश का जताया आभार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विशाल आयोजन शांति व सौहार्द पूर्ण ढंग से पूर्ण होने पर आयोजकों ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक कर एक दूसरे की सेवाओं की सराहना की। यहीं जानकारी मिली कि मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह में किशनगढ़, अजमेर से भाग लेने बीकानेर से बिग्गा धाम पहुंचे। यात्रियों ने जल्दबाजी में बेशकिमती सामान का एक बैग भूलवश ट्रेन में ही छोड़ दिया। यात्री दल ने समिति अध्यक्ष से संपर्क किया तो पॉर्किंग में व्यवस्था संभाल रहे युवा रमेश जाखड़ को सूचना दी गई। रमेश ने रेलवे के सीताराम गोदारा को सूचना दी। गोदारा ने साथी कर्मचारी धनेश प्रसाद और अयूब खान को सूचना दी। दोनों ने छानबीन करते हुए बैग को रतनगढ़ में बैग उतार लिया। सूडसर आते हुए अधिकारी सीएल मीणा ने बैग रमेश जाखड़ के सुपुर्द कर दिया। शुक्रवार सुबह 11 बजे मंदिर परिसर में युवक रमेश जाखड़, किशन जाखड़ व मेला समिति सदस्य डॉ प्रदीप जाखड़ ने यात्री को बैग सुपुर्द कर दिया। यात्री ने प्रसन्न होकर आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना की व युवाओं का आभार जताया।
लाखों की लगी बोलियां, देखें सभी बोलियां विस्तार से..
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सबसे बड़ी बोली 1 करोड़ 11 लाख की मुख्य मंदिर के कलश इंदा की पाली के पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ के नाम रहीं। वहीं पीथल माता मंदिर के शिखर कलश की बोली 12,51,000 में सांचोर के दुलाराम के नाम उठी। वहीं 15 लाख की धड़देवली कलश बोली बीरमाणा जाखड़ परिवार धनेऊ, बाड़मेर के नाम रही। स्मारक कलश की बोली देदाराम जाखड़ परिवार बाड़मेर की 5,81,000 रूपए, ध्वजा बोली सरताणी जाखड़ परिवार जेसाद बाड़मेर 6,11,000 रूपए, प्रथम पट बोली तोलाराम कुंभराम जाखड़ हिरावतान की 551000 की रही। ज्योति बोली बिग्गा के मामराज लूणाराम जाखड़ की 301000 की रही। झालर बोली बाड़मेर के जुंझाराम सोनाराम जाखड़ की 2,10,000 की रही। इस प्रकार 75 बोलियां लगाई गई जिन्हें आप विस्तार से नीचे दिए फोटो में देख सकते है।




देखें सभी बोलियां विस्तार से-




