






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 अक्टूबर 2022। शनिवार को विश्व भर में वृद्धजन दिवस मनाया जा रहा है एवं कई संस्थाओं द्वारा वृद्धजनों का अभिनंदन किया जा रहा है। इसी क्रम में निर्वाचन विभाग द्वारा श्रीडूंगरगढ़ कस्बे के राउमावि में श्रीडूंगरगढ़ शहर के शतायु मतदाताओं का अभिनदंन किया गया। पूरे शहर में केवल दो वृद्ध 100 वर्ष की आयु को पूर्ण कर आज भी युवाओं को मतदान का महत्व समझा रहे है। कार्यक्रम में आजादी से अब तक सरकारें चुनने में अपना योगदान देने वाले हमारे शहर के बुजुर्ग केशराराम पुत्र गणेशाराम माली तथा बुजुर्ग महिला सुरजकंवर पत्नी हरनाथ सिंह का अभिनंदन शाल ओढ़ाकर, माला पहना कर किया गया। इस मौके पर 106 वर्षीय बुजुर्ग केशराराम ने श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स से विशेष बातचीत भी की एवं आजादी के समय से अब तक के मतदान के बारे में रोचक बातें बताई। उन्होंने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ शहर में आजादी के बाद आड़सर बास माताजी मंदिर में मतदान हुआ था और वे 22 साल के थे जब पहला वोट उन्होंने लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए दिया था। वे हंसते हुए बताते है कि महिलाओं को मतदान का ज्ञान नहीं था और वे मतपेटी के बाहर ही पर्ची रखकर हाथ जोड़कर आ जाती थी। बाद में कोई समझदार पहुंचता तो सभी पर्चियां ठप्पे लगाकर मतपेटी में डाल देते थे। वहीं 102 वर्षीय सुरजकंवर ने बताया कि वोट तो सदा ही दिया पर परिजनों ने कहा उसे ही दे दिया किसे दिया ये पता नहीं है। निर्वाचन आयोग के निर्वाचन आयोग के राज्यस्तरीय प्रशिक्षक डॉ. राधाकृष्ण सोनी ने शतायु सम्मान समारोह का संयोजन किया और समारोह में प्रधानाचार्य आदुराम जाखड़, नायब तहसीलदार रतनलाल, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी कार्यालय से प्रतिनिधि भव्य कटारिया, आरिफ, सुपरवाइजर बालाराम मेघवाल, बीएलओ प्रमोद शर्मा, संजय पारीक, पार्षद सोहनलाल ओझा सहित स्कूल का स्टाफ मौजूद रहा। सभी ने दोनों बुजुर्ग मतदाताओं का सम्मान कर उन्हें शुभकामनाएं दी।








