May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 8 अप्रैल 2025। बाल विवाह के खिलाफ सामाजिक जागृति के अनेक प्रयास सरकारी स्तर पर किए जा रहें है। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ में मंगलवार को एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें श्रीडूंगरगढ़ कोर्ट में दो नाबालिग बेटों की माँ ने उनके विवाह को कोर्ट में स्टे लेकर रूकवा दिया है। बिग्गा बास में अपने पीहर में रह रही जुबेदा बानो ने श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स को बताया कि आड़सर बास निवासी उसके शोहर महबूब उसके दो बेटे 18 वर्षीय समीर और 14 वर्षीय साहिल का कल ही सरदारशहर की दो बालिकाओं के साथ निकाह रचा रहें थे। जुबेदा ने बताया कि ये नैतिक व कानूनन दोनों रूप से गलत है। वह चाहती है कि उनके बेटे पढ़े लिखे और व्यस्क होने पर उनके निकाह हो। इस पर जुबेदा ने अपने भाई हाकम खां चुनगर की मदद से श्रीडूंगरगढ़ कोर्ट में परिवाद दाखिल करवाई। मंगलवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश हर्ष कुमार ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत इस पर स्टे दिया। कोर्ट ने जुबेदा के पति से दोनों नाबालिगों लड़कों का निकाह नहीं करवाने का शपथ पत्र लिया। हाकम ने बताया कि उनकी बहन की रजामंदी नहीं होने पर भी पिता नहीं माना और उनका निकाह तय कर दिया। दोनों पति पत्नि में पूर्व से विवाद का मसला भी न्यायालय में विचाराधीन है और दोनों बेटे पिता की कस्टी में है।