May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 26 दिसंबर 2024। गौसेवा मानव जीवन का धर्म है और प्रति व्यक्ति को गौसेवा में अपनी कमाई से अंशदान करते हुए सहयोग देना चाहिए। ये बात गांव बाना में कुशालगिरी जी महाराज ने कही। गांव बाना में नागौर की प्रसिद्ध गौशाला में सहायतार्थ आयोजित भागवत कथा व नानी बाई के मायरे में बुधवार को कुशालगिरी जी महाराज पहुंचे। महाराज ने गाय को धर्म का मूल और भारतीय सभ्यता व संस्कृति का अभिन्न अंग बताया। कुशालगिरी जी महाराज ने सिद्ध परिवार व सभी ग्रामीणों को आशीर्वाद देते हुए सबके मंगल की कामनाएं की। यहां कथावाचक कौशिक जी महाराज भागवत व नानी बाई के मायरे का संगीतमय वाचन कर रहें है। गुरूवार को भागवत कथा पूर्ण हुई। नानी बाई के मायरे की कथा मायरा भरने के साथ पूरी हुई। यहां रामनाथ पुत्र इमरतानाथ सिद्ध परिवार द्वारा 5 लाख 51 हजार का मायरा भरा गया। ये राशि कथावाचक कौशिक जी महाराज को नागौर गौशाला में सहायतार्थ सौंप दी गई। कौशिकजी ने भागवत कथा में भगवान कृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुए धर्म की रक्षा को मानव जीवन का उद्देश्य बताया। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। अनेक श्रद्धालुओं ने मायरा में अपना अंशदान दिया। यहां भगवान कृष्ण की सुंदर झांकी सजाई गई। इस दौरान परिवार के गोपालनाथ, मोहननाथ, जसनाथ, हेतनाथ, भगवाननाथ, बीरबलनाथ, शिवरतननाथ शामिल रहें।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बुधवार को महाराज ने सभी के मंगल की कामना की, दी गौसेवा की प्रेरणा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। 5.51 लाख का भरा नानी बाई का मायरा, गौसेवा में किया राशि का समर्पण।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रद्धालुओं ने भरा नानी बाई का मायरा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बड़ी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पूरा सिद्ध परिवार मौजूद रहा।