






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 16 मई 2025। श्रीडूंगरगढ़ अंचल में पेयजलापूर्ति समस्याएं हर वर्ष गत वर्ष से अधिक विकराल होकर खड़ी हो रही है। भूमिगत जल की स्थिति गंभीर व चिंतनीय हो गई है। ऐसे में पेयजल संकट का सामना करने के लिए मजबूर लोग खूब परेशान हो रहें है। अंचल के गांव बरजांगसर में पुराने बस स्टैंड के पास स्थित गांव का मुख्य ट्यूबवेल लंबे समय से बंद है। ग्रामीणों ने बताया कि इस एकमात्र कुएं का पानी मीठा और पीने लायक है। विभाग द्वारा इसके पानी को अन्य ट्यूबवेल के पानी से मिला कर पीने लायक बनाया जाता है व उसके बाद सप्लाई दी जाती है। परंतु एक माह से अधिक समय से ये नलकूप बंद पड़ा है और ग्रामीण फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर है। वहीं इस कुएं से सप्लाई मिलने वाले करीब 250 घरों की आबादी की पेयजलापूर्ति पर संकट छाया है। ग्रामीण टैंकरों से आपूर्ति करके बजट बिगड़ने से मायूस हो रहें है। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार कई दिन शिकायत के बाद विभाग द्वारा कल ट्यूबवेल को अनलोरिंग किया गया। गांव के जितेंद्र नाथ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जलदाय विभाग व ठेकेदार पर गफलत करने के आरोप लगाए। सीताराम गोदारा, अशोक कालवा, ओमप्रकाश गोदारा, रवींद्र गोदारा, डालाराम मेघवाल व देवनाथ ने विभाग पर आरोप लगाते हुए शीघ्र ट्यूबवेल को दुरस्त करने की मांग की। सरपंच प्रतिनिधि रामनारायण गोदारा ने बताया कि ट्यूबवेल दुरस्त करवाने के प्रयास किए जा रहें है। उन्होंने कहा कि अनेकों बार निजी खर्च से भी ट्यूबवेल दुरस्त करवा पेजयलापूर्ति सुचारू करने के प्रयास किए जाते है।
जेजेएम योजना विफल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव के पेयजल संकट के बारे बताते हुए सरपंच प्रतिनिधि रामनारायण गोदारा ने बताया कि गांव में जेजेएम योजना पूरी तरह से विफल हो गई है। इस योजनों के तहत बनाए गए दो ट्यूबवेल मात्र एक साल में ही पानी नहीं होने के कारण फैल हो गए है। इसमें बनी टंकी में एक बूंद भी पानी नहीं जा रहा है। अब ये संसाधन भी धूल फांक रहें है। वहीं योजना के तहत गांव में आधे घरों के कनेक्शन बकाया रह गए थे वे आज तक बकाया ही है। इन आधे घरों की आबादी को आपूर्ति से जोड़ा ही नहीं गया है। गोदारा ने बताया कि कई बार गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है।
स्थिति चिंताजनक, हो ठोस निवारण।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बरजांगसर ही नहीं क्षेत्र के अधिकांश गांवो में भूमिगत जल अत्यधिक गहरा जाने के कारण समस्याएं बढ़ गई है। सरपंच प्रतिनिधि रामनारायण गोदारा ने बताया कि गांव में 6 ट्यूबवेल चालू स्थिति में है परंतु उनमें पानी नहीं होने के कारण समस्या आ रही है। इन्हें ओर अधिक गहरा करना होगा परंतु सरकारी मशीन 1100 फुट से अधिक गहरा नहीं करती है और बरजांगसर में पानी 1500 फुट से अधिक गहरा हो गया है। गोदारा ने चिंता जताते हुए आने वाले समय के लिए कोई ठोस निवारण की आवश्यकता किए जाने की बात कही।
सामूहिक हो चेतना, भूमिगत जल संचयन पर हो ध्यान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। शासन या प्रशासन द्वारा भूमिगत जल की स्थिति को अनदेखा किया जा रहा है जिससे समस्या विकराल होती जा रही है। यहां की आबादी के लिए जलापूर्ति के लिए कोई ठोस परियोजना की जरूरत है जिससे आने वाले समय में लोगों को पानी मिल सकें। हालांकि इस प्रयास में आमजन को भी जागरूक होने की महत्ती जरूरत है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि हर घर में वर्षाजल संचयन सहित पानी को व्यर्थ नहीं बहाने का संस्कार देना होगा जिससे आने वाली पीढ़ियों को पानी मिल सकें अन्यथा वे पानी के भयंकर कष्ट उठाएंगे।






