May 21, 2026
10-oct

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 नवम्बर 2023। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में जंगलराज है और यहां पुलिस व प्रशासन भी इस जंगलराज को संरक्षण देने में लगा है। यह आरोप और निराशाजनक टिप्पणी इन दिनों क्षेत्र में सरदारशहर रोड़ पर से गुजरने वाले सभी वाहन चालक और उनमें सवार लोग कर ही रहे है। यहां स्टेट हाइवे पर गांव ठुकरियासर के पास बनाया हुआ अवैध टोल प्लाजा को सभी नियम दरकिनार कर एक नियम के बहाने से सरकारी संरक्षण दिया जा रहा है और यहां आए दिन हंगामा, मारपीट की घटनाएं, टोलकर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार व अवैध लोकेशन के कारण हादसे होते रहते है। इसी क्रम में शुक्रवार रात को भी एक पिकअप और स्विफ्ट कार की भिड़ंत इस अवैध टोल के कारण हो गई। सरदारशहर की और से आ रहे स्विफ्ट चालक ने गांव आडसर और धीरदेसर के बीच बने स्थाई टोल प्लाजा पर टोल दिया और अपनी स्पीड से रवाना हुआ। टोल प्लाजा पार कर 3-4 किमी चलते ही सीधी सड़क पर बने एक और अस्थाई टोल प्लाजा होने की उसे उम्मीद तक नही थी व अचानक अस्थाई टोल सामने आ जाने से उसने ब्रेक लगाए और उसके पीछे से आ रही पिकअप ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर में हालांकि किसी को गम्भीर चोटे तो नही आई लेकिन गाड़ी को अत्यधिक क्षति पहुंची है। इस दुर्घटना में भले ही मामला अभी तक दर्ज नही हुआ है लेकिन इसका असल दोषी तो सीधी सड़क पर अवैध रूप से बना टोल प्लाजा ही है।

न सड़क की चौड़ाई ना ही कोई सुरक्षा उपकरण, बस वसूली।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 नवम्बर 2023। श्रीडूंगरगढ़ से सरदारशहर तक नई स्टेट हाइवे बनने के बाद गांव आडसर-धीरदेसर के बीच टोल प्लाजा बना। यह प्लाजा विधिवत रूप से सभी नियमो की पूर्ति के साथ बना था और इसका कोई विरोध भी नही हुआ। लेकिन कुछ समय बाद गांव आडसर से सुरजनसर नई सड़क बनने के बाद वाहन चालकों ने टोल बचाने के लिए वह रास्ता चुन लिया। ऐसे में टोल पंचर नियम का हवाला देते हुए आनन-फानन में रातों रात गांव ठुकरियासर से धीरदेसर के बीच सड़क के बीचों बीच एक कमरे का निर्माण कर अवैध ढंग से टोल प्लाजा बना दिया गया। यहां न तो सड़क की चौड़ाई बढाई गई और न ही कोई सुरक्षा नियम अपनाए गए, न तो यहां कोई यात्री सुविधाएं दी गई और न ही अन्य व्यवस्थाएं की गई। बस पंचर के नियम का हवाला देते हुए टोल प्लाजा बनने के अन्य सभी नियमो को धता बता दिया गया। मजे की बात यह है कि एकदम प्रत्यक्ष रूप से यह अवैध सिस्टम दिखने के बाद भी क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी हो या चाहे पुलिस या प्रशासन, सभी कोई टोल वसूली का साथ देते दिख रहे है। लेकिन सुरक्षा नियमो की पालना करवाने के प्रति इन सभी की गम्भीर लापरवाही कई सवाल उठा रही है।