






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 अक्टूबर 2024। श्री गणेशाय नम:🚩
शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 11 – Oct – 2024
☀ Sri Dungargarh, India
☀ पंचांग
🔅 तिथि अष्टमी 12:08 PM
🔅 नक्षत्र उत्तराषाढ़ा +05:25 AM
🔅 करण :
बव 12:08 PM
बालव 12:08 PM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग सुकर्मा +02:45 AM
🔅 वार शुक्रवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:32 AM
🔅 चन्द्रोदय 02:07 PM
🔅 चन्द्र राशि धनु
🔅 सूर्यास्त 06:08 PM
🔅 चन्द्रास्त +00:32 AM
🔅 ऋतु शरद
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1946 क्रोधी
🔅 कलि सम्वत 5126
🔅 दिन काल 11:36 AM
🔅 विक्रम सम्वत 2081
🔅 मास अमांत आश्विन
🔅 मास पूर्णिमांत आश्विन
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 11:57:09 – 12:43:34
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 08:51 AM – 09:37 AM
🔅 कंटक 01:29 PM – 02:16 PM
🔅 यमघण्ट 04:35 PM – 05:22 PM
🔅 राहु काल 10:53 AM – 12:20 PM
🔅 कुलिक 08:51 AM – 09:37 AM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 03:02 PM – 03:49 PM
🔅 यमगण्ड 03:14 PM – 04:41 PM
🔅 गुलिक काल 07:59 AM – 09:26 AM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पश्चिम
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन
📜 चोघडिया 📜
🔅चल 06:32:17 – 07:59:18
🔅लाभ 07:59:18 – 09:26:20
🔅अमृत 09:26:20 – 10:53:21
🔅काल 10:53:21 – 12:20:22
🔅शुभ 12:20:22 – 13:47:23
🔅रोग 13:47:23 – 15:14:24
🔅उद्वेग 15:14:24 – 16:41:25
🔅चल 16:41:25 – 18:08:26
🔅रोग 18:08:26 – 19:41:29
🔅काल 19:41:29 – 21:14:32
🔅लाभ 21:14:32 – 22:47:35
🔅उद्वेग 22:47:35 – 24:20:39
🔅शुभ 24:20:39 – 25:53:42
🔅अमृत 25:53:42 – 27:26:45
🔅चल 27:26:45 – 28:59:48
🔅रोग 28:59:48 – 30:32:52
❄️ लग्न तालिका❄️
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 04:46 AM समाप्त: 07:02 AM
🔅 तुला चर
शुरू: 07:02 AM समाप्त: 09:21 AM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 09:21 AM समाप्त: 11:40 AM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 11:40 AM समाप्त: 01:44 PM
🔅 मकर चर
शुरू: 01:44 PM समाप्त: 03:27 PM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 03:27 PM समाप्त: 04:56 PM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 04:56 PM समाप्त: 06:22 PM
🔅 मेष चर
शुरू: 06:22 PM समाप्त: 07:58 PM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 07:58 PM समाप्त: 09:54 PM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 09:54 PM समाप्त: अगले दिन 00:09 AM
🔅 कर्क चर
शुरू: अगले दिन 00:09 AM समाप्त: अगले दिन 02:29 AM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: अगले दिन 02:29 AM समाप्त: अगले दिन 04:46 AM
नवरात्र के नौवें दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा-आराधना होती है। माता सिद्धिदात्री को सभी प्रकार की सिद्धियां देने वाली कहा गया है। इन्हें सिद्धियों की स्वामिनी भी कहा जाता है। नवमी तिथि का व्रत कर, माता की पूजा-आराधना करने के बाद माता को तिल का भोग लगाना इस दिन कल्याणकारी रहता है।
☘️ दुर्गाष्टमी , दुर्गानवमी, सरस्वती विसर्जन
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026




